ग्रेटर नोएडा [आशुतोष अग्निहोत्री]। प्रधानमंत्री ने शिलान्यास पट से पर्दा हटाया और इसी के साथ देश के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के निर्माण की नींव रख गई। एयरपोर्ट का पहला चरण वर्ष 2024 में पूरा होगा, लेकिन शिलान्यास समारोह में पहुंचे भाजपाइयों को 2022 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर उम्मीद अभी से दिखने लगी हैं।

जल्दी खराब होने वाली फसल को भेज सकेंगे विदेश

शिलान्यास समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित मंच पर मौजूद तमाम नेताओं के भाषणों का केंद्र बिंदु किसान ही रहे। प्रधानमंत्री ने रोजगार को लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों के नाम गिनाए और कहा कि अब यहां के किसानों के बेटों को रोजगार मिलेगा और वे अपनी जल्दी खराब होने वाली फसलों को विदेश के बाजारों में भी भेज सकेंगे।

विपक्षी पार्टियों पर किसानों को गुमराह करने का लगाया आरोप

वहीं मुख्यमंत्री ने गन्ने की मिठास से किसानों को साधने का प्रयास किया। मुख्यमंत्री ने अपने पांच मिनट के भाषण में भले ही विपक्षी पार्टियों का नाम नहीं लिया, लेकिन इशारों में उन पर किसानों को गुमराह करने का आरोप जरूर लगाया।

भीड़ ने बढ़ाया जोश

तीन कृषि कानूनों के विरोध में पिछले एक साल से चल रहे किसान आंदोलन का पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, शामली, अमरोहा, गाजियाबाद, मुरादाबाद, गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर जिलों में ही सबसे अधिक प्रभाव रहा है। भाजपा भी इसे अच्छी तरह से जानती है और अब किसानों को मनाने की कोई कसर छोड़ना नहीं चाहती। बाकायदा संगठन की ओर इस संबंध में पार्टी पदाधिकारियों को सलाह दी गई थी कि एयरपोर्ट शिलान्यास समारोह में ट्रैक्टरों की संख्या अधिक दिखनी चाहिए।

किसानों के लिए बैठने की की गई वीआइपी व्यवस्था

बृहस्पतिवार को भीड़ अपेक्षा के अनुरूप दिखी तो भाजपाइयों का जोश देखते बना। यही नहीं, भाजपा की सतर्कता और बेचैनी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पहली बार प्रधानमंत्री के किसी कार्यक्रम में करीब सौ किसानों के लिए बैठने की वीआइपी व्यवस्था की गई। मंच पर मौजूद केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पुचकारा तो भीड़ ने मोदी, योगी के नारे लगाए।

Edited By: Prateek Kumar