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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 02, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Airport Fire: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट निर्माण साइट पर भीषण आग, क्रेन से उठी लपटें

Published: Mon, 02 Dec 2024 07:12 PM (IST)

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण स्थल पर एक क्रेन में आग लग गई जिससे अफरा-तफरी मच गई। दमकल की गाड़ियों ...और पढ़ें

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर क्रेन में लगी आग।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर क्रेन में लगी आग।

जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Noida International Airport) पर सोमवार सुबह हादसा हो गया। एयरपोर्ट के निर्माण कार्य में लगी एक क्रेन में आग लग गई। इससे वहां अफरा तफरी मच गई। दमकल की गाड़ी ने आग पर काबू पाया। आग की चपेट में आकर क्रेन के चालक का केबिन क्षतिग्रस्त हो गया।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर निर्माण कार्य अंतिम दौर में है। इसी माह एयरपोर्ट पर कामर्शियल फ्लाइट का ट्रायल प्रस्तावित है। इसके लिए महानिदेशालय नागर विमानन की अनुमति का इंतजार किया जा रहा है। ट्रायल सफल होने पर अगले साल से एयरपोर्ट पर कामर्शियल सेवा शुरू हो जाएगी।

एयरपोर्ट के शेष कार्यों को तेजी से पूरा किया जा रहा है। हजारों कामगार दिन रात कार्य पूरा करने में जुटे हैं।

लपटों के साथ उठा धुआं

सोमवार को एयरपोर्ट साइट पर कार्य के दौरान एक क्रेन के चालक केबिन में आग लग गई। आग तेजी से भड़की। ऊंची लपटों के साथ आसपास धुआं हो गया। आस पास काम कर रहे कामगार वहां से भाग खड़े हुए। दमकल की मदद से आग पर काबू पाया गया।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लि. (NIAL) के नोडल अफसर शैलेंद्र भाटिया का कहना है कि क्रेन में लगी आग को समय रहते काबू कर लिया गया। कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है।

आग पर पाया काबू

एयरपोर्ट प्रबंधन की ओर से कहा गया है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की साइट पर सोमवार को निर्माण उपकरणों में मामूली आग लगने की सूचना मिली। हमारी साइट पर मौजूद अग्निशमन दल ने आग पर तुरंत काबू पा लिया। कोई भी कर्मचारी घायल नहीं हुआ, और साइट पर काम बिना किसी बाधा के जारी है। हमारे कर्मचारियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

आग लगने की घटनाएं छीन रही लोगों का सुकून

बसते शहर की आधी आबादी बहुमंजिला इमारतों में निवास कर रही है। शिक्षण संस्थानों के साथ शहर औद्योगिक हब के रूप में विकसित हुआ है। 10 हजार से अधिक छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाइयां है। हर कोई जानने का इच्छुक है कि जहां वह रह रहे हैं या फिर काम कर रहे हैं वह परिसर आग लगने के बाद कितनी सुरक्षित है।

बीटा दो कोतवाली क्षेत्र के साइट चार की एक सोफा फैक्ट्री में आग लगने तीन कर्मियों की मौत की घटना हो या फिर एक अपार्टमेंट में आग लगने से छह वाहनों के जलने का मामला लोगों को एक बार फिर अपने व अपने परिवार के लोगों के सुरक्षा की चिंता सताने लगी है। दूसरी तरफ जिम्मेदारों की लारवाही लोगों का सुकून छीन रही हैं।