नोएडा [प्रवीण विक्रम सिंह]। नोएडा-दिल्ली बॉर्डर के सेक्टर 20 कोतवाली क्षेत्र में बुधवार को एसटीएफ व पुलिस से हुई मुठभेड़ में मारे गए दो लाख के इनामी अजय उर्फ कालिया को उसके चाचा कुख्यात बावरिया राजकुमार बहेलिया ने उपहार में ईको कार दी थी। यह कार अजय को इसलिए दी गई थी जिससे कि वह हाईवे पर दुष्कर्म की घटनाओं को अंजाम दे सके। वर्तमान में बहेलिया जेल में बंद है। उस पर एक दर्जन से अधिक हत्याओं का आरोप है। भतीजे के एनकाउंटर में मारे जाने की खबर सुनकर बहेलिया ने जेल में खाना नहीं खाया।

नोएडा सेक्टर 20 कोतवाली प्रभारी मुनीष चौहान ने बताया कि बदमाश के एनकाउंटर में मारे जाने की सूचना उसके स्वजन तक पहुंचाई गई है। हरियाणा के रेवाड़ी के अलावा कई अन्य संभावित रिश्तेदारों के ठिकानों पर भी सूचना पहुंचाई गई है, लेकिन स्वजन अभी तक अजय उर्फ कालिया का शव लेने नोएडा नहीं पहुंचे हैं। शव का पोस्टमार्टम कराकर मोर्चरी में रखवा दिया गया है। यदि स्वजन शव लेने नहीं आते हैं तो 78 घंटे बाद पुलिस शव का अंतिम संस्कार करेगी। पुलिस जब सूचना देने अजय के घर पहुंची तो वहां एक नाबालिग बहन मिली।

पुलिस जांच में यह भी पता चला कि कालिया पिछले छह महीने से अपने घर नहीं गया था। वह अपने संभावित ठिकानों पर ही रहता था। ज्यादातर समय वह अपने गिरोह के सदस्यों के साथ मथुरा व पलवल में गुजारता था। गिरोह के सदस्य व चचेरे भाई बबलू व जूथरा के मारे जाने के बाद अजय अकेला पड़ गया था। उसने ईको कार अपने एक मित्र को दे दी है। यमुना व ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे से गुजरने वाले वाहनों पर एक्सेल मारकर बदमाश गाड़ी रुकवाते थे। बदमाश लूटपाट करते थे और उसमें सवार महिलाओं को वहां खड़ी अपनी ईको कार में उनके साथ दुष्कर्म करते थे।

राजकुमार मिश्र (एडिशनल एसपी एसटीएफ) का कहना है कि बावरिया गिरोह पर लगातार काम किया जा रहा है। गिरोह के बदमाश पुलिस को देखते ही गोली चला देते हैं। ऐसे बदमाशों से सख्ती से निपटा जा रहा है। यदि अजय के स्वजन शव नहीं ले जाते हैं तो पुलिस शव का अंतिम संस्कार करेगी। 

Edited By: Jp Yadav