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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 29, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Noida News: 1205 विधवा 'सुहागिन' बन उठा रही पति के नाम का राशन, आधार कार्ड से सत्यापन के बाद खुली पोल

Published: Mon, 29 Jul 2024 08:25 AM (IST)

यह जानकारी तब हुई जब खाद्य रसद विभाग ने महिला कल्याण विभाग से सूची मंगाई तो पता चला कि 1205 ...और पढ़ें

राशन उठाकर राजस्व को चूना लगा रही हैं महिलाएं। (फाइल फोटो)
राशन उठाकर राजस्व को चूना लगा रही हैं महिलाएं। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. शासन की ओर से जारी लिस्ट से हुआ पर्दाफाश
  2. शहरी क्षेत्र में 467 और ग्रामीण क्षेत्र में 738 महिलाएं

अंकुर त्रिपाठी, ग्रेटर नोएडा। जनपद में एक-दो नहीं 1205 महिलाएं हैं, जो विधवा बनकर निराश्रित पेंशन ले रही हैं और राशन कार्ड में सुहागिन बन पति के नाम का राशन उठा कर राजस्व को चूना लगा रही हैं। राशनकार्ड से आधार कार्ड जुड़ने के बाद यह सच सामने आया है कि हजारों महिलाएं दोनों विभाग की लाभार्थी बनकर फायदा उठा रही हैं।

जिले में शहरी क्षेत्र में 467 और ग्रामीण क्षेत्र में 738 महिलाएं ऐसी मिली हैं। जानकारी के अनुसार यह गड़बड़झाला लगभग पिछले तीन साल से चल रहा है। एक निराश्रित महिला को एक हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन मिलती है। इसके अलावा एक यूनिट अधिक राशन का लाभ भी महिलाओं ने उठाया है।

आठ हजार से अधिक आयकरदाता ले रहे थे राशन

शासन की ओर से हाल ही में जारी सूची से पता चला था कि जनपद में आठ हजार से अधिक आयकरदाता पात्र नहीं होने के बाद भी सरकारी सुविधा का लाभ उठा कर गरीबों के हक का राशन मार रहे हैं। विभाग अब ऐसे लोगों की पहचान कर रहा है। इन लोगों से रिकवरी की जाएगी। इसके साथ ही इनका राशन कार्ड भी निरस्त होगा।

जिले की 367 दुकानों पर मिलता है राशन

पात्र लोगों के लिए राशन वितरण के लिए जिला प्रशासन की ओर से कोटे की दुकानों का आवंटन किया जाता है। जनपद में कोटे की करीब 367 दुकान हैं। इसमें दादरी में 124, शहर में 89, जेवर में 86 और नोएडा में राशन की 68 दुकान हैं।

शहरी क्षेत्र में 467 और ग्रामीण क्षेत्र में 738 महिलाएं ऐसी मिली हैं। जो दोनों विभाग से लाभ उठा रही हैं। जांच शुरु कर दी गई है। सत्यापन होने के बाद जो महिला जिस योजना की पात्र होगी, उसका पालन करवाया जाएगा। - ओमहरि उपाध्याय, जिला पूर्ति अधिकारी