जागरण संवाददाता, नोएडा : सेक्टर-63 स्थित बी ब्लाक में खंभे पर चढ़कर हाईटेंशन लाइन जोड़ रहा प्राइवेट लाइनमैन करंट से झुलस गया। वह करीब आधा घंटे तक तारों के बीच में लटका रहा। सूचना मिलते ही विद्युत निगम के अफसरों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों के सहयोग से विद्युत कर्मियों ने पीड़ित को सेक्टर-62 स्थित फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया। पीड़ित आइसीयू में गंभीर अवस्था में उपचाराधीन है।

जानकारी के अनुसार शनिवार को बारिश के कारण एक फाल्ट होने पर संविदा पर तैनात लाइनमैन रवि कुमार सेक्टर-63 बी ब्लाक में हाइटेंशन लाइन ठीक कर रहे थे। तार जोड़ने के लिए उन्होंने विद्युत उपकेंद्र से शटडाउन भी लिया गया था, लेकिन खंभे पर चढ़कर तार जोड़ते वक्त अचानक लाइन में करंट आने से रवि को तेज झटका लगा और वह बेहोश होकर तारों के बीच ही फंस गया। पीड़ित करीब आधे घंटे तक लाइन के बीच लटका रहा। उसके पैर व शरीर के अन्य अंगों से धुआं निकलने पर आसपास भगदड़ मच गई। हादसे के बाद उसके साथ आए कर्मचारी भी मौके से भाग निकले। बाद में अधिशासी अभियंता सचिन कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंचे। सीढ़ी लगाकर लाइनमैन को खंभे से उतारने का प्रयास किया गया, लेकिन सीढ़ी छोटी पड़ गई। इसके बाद एक ट्रक पर सीढ़ी लगाकर पीड़ित को नीचे उतारा गया। लाइनमैन को सेक्टर-62 स्थित फोर्टिस अस्पताल में भर्ती करा दिया गया, जहां हालत गंभीर बताई जा रही है। किसी कंपनी से करंट आने की आशंका

अधिशासी अभियंता सचिन कुमार ने बताया कि लाइन ठीक करने के दौरान उपकेंद्र से शटडाउन लिया गया था। हादसे के दौरान भी शटडाउन था। आशंका है कि किसी कंपनी के जनरेटर से बैक करंट आया गया हो। इन सभी बिदुओं पर जांच की जा रही है। गाजियाबाद स्थित विद्युत सुरक्षा निदेशालय को भी इसकी रिपोर्ट भेजी जाएगी। वहीं उपकेंद्र के एसडीओ योगेंद्र कुमार व जेई अजय कुमार से भी जवाब मांगा गया है। सुरक्षा उपकरणों के अभाव में बढ़ रहे हादसे

सेक्टर-63 में लाइन में करंट आने से लाइनमैन के झुलसने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई बार लाइनमैन शिकार हो चुके हैं। सेक्टर-22 में भी लाइन ठीक करते समय करंट लगने से एक लाइनमैन की मौत हो चुकी है। सेक्टर-8 व सेक्टर-143 में भी ऐसी कई घटनाएं हो चुकी है। इसका मुख्य कारण बिना सुरक्षा उपकरणों के खंभों पर चढ़ना है। कर्मी बिना दस्ताने व बेल्ट के ही खंभे पर चढ़ जाते हैं।

---

वर्जन..

मामले में तीन सदस्य जांच कमेटी गठित की गई है। वही फीडर की एमआरआई भी कराई जाएगी। दोषी अधिकारियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

- वीएन सिंह, मुख्य अभियंता, विद्युत निगम

Edited By: Jagran