रावण का पुतला जलाने के बजाय पूजा, क्यों जहांगीरपुर का एक परिवार राम और रावण दोनों की करता है आराधना
जहांगीरपुर में एक परिवार सदियों से दशहरा पर रावण का पुतला जलाने के बजाय भगवान राम के साथ उसकी पूजा ...और पढ़ें

जहांगीरपुर में होती है रावण पूजा।
HighLights
जहांगीरपुर में दशहरा पर रावण दहन के बजाय पूजन।
परिवार रावण को महाज्ञानी ब्राह्मण मानकर करता है पूजा।
राम की आराधना धर्म पर अधर्म की विजय हेतु।
संवाद सहयोगी, जहांगीरपुर। देशभर में दशहरा पर रावण के पुतले का दहन कर बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया जाता है, लेकिन जहांगीरपुर में एक परिवार की परंपरा इस पर्व को अलग ही रंग देती है। यहां रावण का पुतला जलाने के बजाय उसका पूजन किया जाता है।
खास बात यह है कि परिवार रावण के साथ भगवान श्रीराम की भी पूजा करता है। रावण के प्रति सम्मान उसकी विद्वत्ता और ब्राह्मण स्वरूप के लिए है, जबकि राम की आराधना अधर्म पर धर्म की विजय के संकल्प के साथ की जाती है।
कस्बे के मोहल्ला स्वामीपाड़ा निवासी दिनेश कुमार शर्मा ने बताया कि उनके परिवार में रावण पूजन की परंपरा सदियों से चली आ रही है। परिवार रावण को महाज्ञानी और उच्च ब्राह्मण मानता है।
दशहरा पर कस्बे की ठाकुरद्वारा चौपाल पर रावण तस्वीर जमीन पर बनाई जाती है। इसके बाद परिवार के सदस्य एकत्र होकर मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से पूजन करते हैं। यह परंपरा रावण के ज्ञान और विद्वत्ता के प्रति सम्मान प्रकट करने का माध्यम है।
परिवार के लिए क्या है रावण पूजन का अर्थ
परिवार के लिए रावण पूजन का अर्थ भगवान श्रीराम के आदर्शों को नकारना नहीं, बल्कि दोनों के अलग-अलग स्वरूपों को स्मरण करना है। रावण की पूजा पुरखों से चली आ रही रीति के निर्वहन के लिए की जाती है, तो श्रीराम की आराधना धर्म की अधर्म पर जीत के प्रतीक के रूप में होती है।
यही वजह है कि दशहरा पर परिवार की पूजा परंपरा लोगों के लिए कौतूहल का विषय बनती है। मंगलवार को भी परिवार के सदस्यों ने राम और रावण का पूजन किया। इसके बाद बड़ों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया और दही-मट्ठे से तैयार प्रसाद वितरित किया।
इस अवसर पर दुर्गाप्रसाद शर्मा, दिनेशचंद शर्मा, दीपांशु भारद्वाज, राजीव कुमार शर्मा, संजीव कुमार शर्मा, सुनील शर्मा, अनुज कुमार शर्मा, नवीन कुमार शर्मा, अंकुर शर्मा, विशाल भारद्वाज, गोपाल भारद्वाज, भानुप्रकाश शर्मा, प्रिंस शर्मा, सक्षम शर्मा और वंश भारद्वाज सहित परिवार के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
