ेजागरण संवाददाता, नोएडा :

जिले में बड़े स्तर पर बिना फायर एनओसी के ही औद्योगिक इकाइयां संचालित हो रही हैं लेकिन इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही है। नियमों को ताक पर रखकर संचालित होने वाली इन औद्योगिक इकाइयों में काम करने वालों की सुरक्षा भगवान भरोसे ही हैं, लेकिन इन पर कार्रवाई कब होगी इसको लेकर कोई भी जिम्मेदार अफसर कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। अग्निशमन विभाग के अनुसार जिले में केवल 31 सौ औद्योगिक इकाइयों की ही फायर एनओसी है जबकि जिले में बड़े स्तर पर छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाइयां संचालित हो रही है। विभाग के अनुसार जिले में कुल करीब पांच हजार भवनों की फायर एनओसी है। इसमें करीब 31 सौ औद्योगिक इकाइयों के अलावा करीब 500 शैक्षणिक संस्थान व स्कूल शामिल हैं। इसके अलावा साढ़े तीन सौ कामर्शियल बिल्डिग व 75 अस्पताल शामिल है, जिनकी फायर एनओसी है। मालूम हो कि पिछले कुछ वषरें में जब भी किसी औद्योगिक ईकाई में हादसा हुआ है तो सामने आया है कि उस बिल्डिग की फायर एनओसी नहीं थी, लेकिन बिना एनओसी के कैसे यह ईकाई संचालित हो रही थी, इसको लेकर कोई भी अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं होता है। शुक्रवार को सेक्टर 11 स्थित औद्योगिक ईकाई के भवन का एक हिस्सा गिरने से दो लोगों की मौत की घटना के बाद अग्निशमन विभाग ने दावा किया कि इस ईकाई की फिलहाल फायर एनओसी नहीं थी। एनओसी की प्रक्रिया है ऑनलाइन

मुख्य अग्निशमन अधिकारी अरुण कुमार सिंह का कहना है कि जिले में संचालित होने वाली सभी औद्योगिक इकाइयों की सीमित समय में जांच संभव नहीं हो पाती है। समय-समय पर जांच के लिए अभियान भी चलाया जाता है व कार्रवाई भी होती है। दमकल विभाग में फायर एनओसी की ऑनलाइन व्यवस्था है। ऑनलाइन ही आवेदन होता है ऑनलाइन ही एनओसी निर्गत की जाती है। दमकल अधिकारियों को भी अपनी रिपोर्ट लगाने की समय सीमा निर्धारित है।

Posted By: Jagran

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