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ग्रेटर नोएडा में 100 एकड़ का Toy Park बदल देगा पूरा खेल, अमेरिका से जापान तक बढ़ी भारतीय खिलौनों की मांग

Published: Mon, 24 Aug 2026 08:07 AM (IST)

ग्रेटर नोएडा में 100 एकड़ का टॉय पार्क भारत को खिलौना उद्योग का बड़ा केंद्र बना रहा है, जिससे अमेरिका ...और पढ़ें

भारतीय खिलौनों की मांग अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, नीदरलैंड, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, जापान, दक्षिण कोरिया समेत यूरोपीय यूनियन और अफ्रीकी देशों में तेजी से बढ़ रही है। एआई इमेज

भारतीय खिलौनों की मांग अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, नीदरलैंड, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, जापान, दक्षिण कोरिया समेत यूरोपीय यूनियन और अफ्रीकी देशों में तेजी से बढ़ रही है। एआई इमेज

HighLights

  1. ग्रेटर नोएडा में 100 एकड़ का टॉय पार्क विकसित हो रहा।

  2. भारतीय खिलौनों की वैश्विक मांग में तेजी से वृद्धि हुई।

  3. यूपी को खिलौना स्टार्टअप्स में नंबर वन बनाने का लक्ष्य।

जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। भारत का खिलौना उद्योग अब स्टार्टअप क्रांति की रफ्तार पकड़ चुका है। इस बदलाव का केंद्र गौतमबुद्ध नगर बनने जा रहा है। जिले में विकसित हो रहे टॉय सिटी और टॉय पार्क के फिर से गुलजार होने से ग्रेटर नोएडा को देश का सबसे बड़ा खिलौना हब बनाने की उम्मीद जगी है।

भारतीय खिलौनों की मांग अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, नीदरलैंड, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, जापान, दक्षिण कोरिया समेत यूरोपीय यूनियन और अफ्रीकी देशों में तेजी से बढ़ रही है, जिसका सीधा फायदा ग्रेटर नोएडा के उद्यमियों को मिलेगा।

यूपी फिलहाल पांचवें स्थान पर, टाॅप पर पहुंचने का लक्ष्य

वर्तमान में देश में खिलौना स्टार्टअप्स के मामले में उत्तर प्रदेश 59 स्टार्टअप्स के साथ पांचवें स्थान पर है। महाराष्ट्र 150 स्टार्टअप्स के साथ पहले, कर्नाटक 105 के साथ दूसरे, गुजरात 92 के साथ तीसरे और दिल्ली 69 स्टार्टअप्स के साथ चौथे स्थान पर है।

ये पांच राज्य मिलकर देश के 62 फीसदी खिलौना स्टार्टअप्स को कवर करते हैं। मेट्रो शहरों में बेंगलुरु अर्बन 92 स्टार्टअप्स के साथ शीर्ष पर है। सरकार और उद्योग जगत का लक्ष्य अगले कुछ वर्षों में यूपी को इस सूची में नंबर वन बनाना है।

100 एकड़ में बन रहा टॉय पार्क, 410 करोड़ का निवेश

यमुना प्राधिकरण के सेक्टर-33 में 100 एकड़ में टॉय पार्क पर तेजी से काम चल रहा है। अब तक 134 इकाइयों को 53.51 एकड़ जमीन आवंटित की जा चुकी है। विभिन्न इकाइयों के माध्यम से करीब 410 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हो रहा है।

बड़ी इकाइयों में फन जू टवायज इंडिया, फन राइड टॉयज एलएलपी, आयुष टॉयज मार्केटिंग, भारत प्लास्टिक, गणपति क्रिएशंस और आरआरएस ट्रेडर्स जैसी कंपनियां शामिल हैं। इसके अलावा जिले में चार हजार से अधिक एमएसएमई ट्रेडर्स और मैन्युफैक्चरर हैं, जो लकड़ी के खिलौने, प्लश टाय और बोर्ड गेम बना रहे हैं।

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गेम-चेंजर बनेगा टॉय पार्क

जिले के उपायुक्त उद्योग पंकज निर्वाण ने कहा कि यमुना प्राधिकरण का टॉय पार्क गौतमबुद्ध नगर के लिए गेम-चेंजर साबित होगा।

उन्होंने कहा एक ही क्लस्टर में प्लग-एंड-प्ले फैक्ट्री शेड, कामन फैसिलिटी सेंटर, टेस्टिंग लैब और निर्यात सहायता मिलने से छोटे स्टार्टअप्स को भी बड़ी कंपनियों जैसी सुविधाएं मिलेंगी।

इससे उत्पादन लागत घटेगी और गुणवत्ता सुधरेगी। हमारा फोकस एमएसएमई और महिला उद्यमियों को इन्क्यूबेशन, फंडिंग और मार्केट लिंकेज से जोड़ने पर है, ताकि मेड इन इंडिया खिलौनों की वैश्विक मांग बढ़ सके।

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