बिना डिग्री क्लीनिक चला रहे पिता-पुत्र पर लापरवाही का आरोप, गलत इंजेक्शन से महिला के पैर में हुआ इंफेक्शन
ग्रेटर नोएडा के घरबरा गांव में एक झोलाछाप और उसके बेटे पर महिला को गलत इंजेक्शन लगाकर उसकी जान जोखिम में डालने का आरोप है।

पेट दर्द के इलाज के दौरान गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप।
HighLights
झोलाछाप के गलत इंजेक्शन से महिला की हालत गंभीर।
पीड़ित पति ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
पुलिस ने सीएमओ से क्लीनिक की जांच मांगी।
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। इकोटेक-वन कोतवाली क्षेत्र के घरबरा गांव में चल रहे क्लीनिक में काम करने वाले झोलाछाप और उसके बेटे पर गलत इंजेक्शन लगाकर महिला की जान जोखिम में डालने का आरोप है। इंजेक्शन के बाद महिला की हालत गंभीर हो गई।
उसका दूसरे अस्पताल में इलाज चल रहा है। जहां पर हालत नाजुक बताई जा रही है। पीड़ित पति की शिकायत पर पुलिस ने प्रकरण में सीएमओ को पत्र लिखकर क्लीनिक की जांच समेत अन्य रिपोर्ट मांगी है।
झोलाछाप डॉक्टर होने का आरोप
घरबरा निवासी पीड़ित पति विशाल के मुताबिक 23 अक्टूबर को उसकी पत्नी सोनिया के पेट में तेज दर्द उठा। सामान्य इलाज के लिए वह गांव में ही एके पठान के क्लीनिक पर गए।
क्लीनिक एके पठान का बेटा आमिर संचालित करता है। आरोप है कि आमिर झोलाछाप है। फिर भी स्वयं को डाक्टर बताते हुए मरीज की जांच कर घोर लापरवाही से दोनों कूल्हों पर दो इंजेक्शन लगा दिए और कुछ दवाइयां दे दीं।
इंजेक्शन लगाने के कुछ घंटे बाद सोनिया को तेज बुखार, घबराहट और बेचैनी होने लगी। सीधा पैर धीरे-धीरे नीला-लाल पड़ गया और भारी सूजन आ गई। हालत बिगड़ने पर विशाल ने दो बार फोन कर एके पठान और आमिर से संपर्क किया, लेकिन उन्होंने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि मामला हमारे बस से बाहर है।
धमकी देकर क्लीनिक से भगा दिया गया
आरोप है कि विशाल ने लापरवाही की बात कही तो आरोपितों ने धमकी देकर क्लीनिक से भगा दिया। इसके बाद पत्नी को जिम्स अस्पताल ले गया, जहां डाक्टरों ने अल्ट्रासाउंड के बाद नाजुक हालत देख रेफर कर दिया। अभी सोनिया का स्वर्ण नगरी स्थित एएनएस हास्पिटल में इलाज चल रहा है।
पीड़ित पति ने पुलिस को दी तहरीर में संचालक और उनके बेटे पर बिना मेडिकल डिग्री व रजिस्ट्रेशन के क्लीनिक संचालित कर मरीजों की जान जोखिम में डालने का आरोप लगाया है। प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार वर्मा ने बताया विशाल ने क्लीनिक संचालकों के खिलाफ शिकायती पत्र दिया है।
संचालकों की डिग्री और क्लीनिक के रजिस्ट्रेशन की जांच रिपोर्ट के संबंध में सीएमओ को पत्र लिख कर जानकारी मांगी है। रिपोर्ट मिलते ही केस दर्ज कर जांच में मिले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
