उल्लुओं के हमले से खौफ में ग्रेटर नोएडा की सोसायटी, शाम होते ही घरों में कैद हो जाते हैं लोग
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की लारेजिडेंसिया सोसायटी में उल्लुओं के हमले से लोग दहशत में हैं, पिछले कुछ दिनों में 6-7 ...और पढ़ें

लारेजिडेंसिया सोसायटी में उल्लुओं का आतंक। जागरण
HighLights
उल्लुओं ने ग्रेटर नोएडा की लारेजिडेंसिया सोसायटी में लोगों पर हमला किया।
पिछले तीन-चार दिनों में छह से सात लोग घायल हुए, एक गंभीर।
निवासियों ने वन विभाग से उल्लुओं को सुरक्षित स्थानांतरित करने की मांग की।
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट की लारेजिडेंसिया सोसायटी में इन दिनों उल्लुओं ने लोगों की नींद उड़ा दी है। रात के अंधेरे में निकलते ही ये उल्लू सिर पर झपट्टा मारकर चोंच और नुकीले पंजों से हमला कर रहे हैं।
पिछले तीन चार दिनों में छह से सात लोगों पर हमला हो चुका है। बताया जा रहा है कि एक व्यक्ति को इतने गहरे घाव आए कि उसे रेबीज समेत अन्य इंजेक्शन लगवाने पड़े।
हमले की पूरी घटना सोसायटी के सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हो गई है, जिसके बाद पूरे मामले का पर्दाफाश हुआ। घटना के बाद पूरी सोसायटी में दहशत का माहौल है।

शाम ढलते ही बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं घर से बाहर निकलने से कतरा रहीं हैं। लोगों ने रात में टहलना और पार्क में बैठना बंद कर दिया है।
महिलाएं व बच्चे सहमे
पिछले तीन-चार दिनों से उल्लुओं का झुंड कई लोगों पर हमला कर चुका था। रात के अंधेरे में लोगों को कुछ समझ नहीं आ रहा था। चर्चा फैलने के बाद लोगों ने डर की वजह से रात होते ही घर से बाहर निकलने में गुरेज करने लगे थे।

सोसायटी परिसर में तरह-तरह की अफवाह उड़ने लगी थी। निवासियों ने इसकी जांच को सोसायटी परिसर में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जिसमें चार से पांच उल्लू सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए हैं। निवासियों का दावा है कि उल्लुओं ने ही निवासियों पर हमला किया है।
वन विभाग को दी सूचना
सोसायटी निवासी सुमिल जलोटा ने बताया कि सूचना वन विभाग को दे दी है। लोगों ने वाट्सएप समूह व फोन के जरिए भी शिकायत की है, लेकिन अभी तक टीम नहीं पहुंची है। सोसायटी परिसर में पांच से छह लोगों पर हमले हुए हैं।
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सोसायटी के लोगों की मांग है कि वन विभाग की टीम आकर उल्लुओं को बिना नुकसान पहुंचाए किसी सुरक्षित और जंगल में स्थानांतरित करें। ताकि पंक्षियों के संरक्षण के साथ लोगों की सुरक्षा भी हो सके।
बृहस्पतिवार रात मैं फोन पर बात करते हुए कार खड़ी करके फ्लैट जा रहा था। अचानक पीछे से सिर पर हमला हुआ। पीछे मुड़कर देखा तो कुछ नहीं था। जिसके पश्चात दोबारा हमला हुआ। कोई पंक्षी उड़ता हुआ दिखाई दिया। तत्काल सूचना सोसायटी परिसर के वाट्सएप समूह पर साझा की गई पता चला कि उल्लुओं का झुंड पहले भी कई लोगों को चोटिल कर चुका है। अस्पताल भर्ती होना पड़ा। उपचार में 15 से 20 हजार रुपये खर्च हो गए।
-बिजाेय त्रिपाठी, निवासी लारेजिडेंसियाआमतौर पर उल्लू अंडों से बच्चे निकलने के दौरान हिंसक होते हैं। यदि कोई इंसान या जानवर उनके घोंसले के बहुत करीब आ जाता है तो वह खतरे का अनुमान लगा हमला कर देते हैं। सोसायटी में उनके घोंसले हो सकते हैं।
-रामअवतार चौधरी, प्रभारी पंक्षी विहार सूरजपुर
