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नवंबर से पहले दिसंबर जैसे हालात: ग्रेटर नोएडा औद्योगिक क्षेत्र में काला धुआं और केमिकल की दुर्गंध से हाल बेहाल

Published: Sat, 12 Sep 2026 11:50 AM (IST)

ग्रेटर नोएडा के साइट-बी औद्योगिक क्षेत्र में फैक्ट्रियों से निकलने वाले काले धुएं और केमिकल की दुर्गंध से प्रदूषण बढ़ रहा है, जिससे सांस लेना मुश्किल हो गया है।

ग्रेटर नोएडा साइट-बी में घुटता दम। जागरण

ग्रेटर नोएडा साइट-बी में घुटता दम। जागरण

HighLights

  1. साइट-बी औद्योगिक क्षेत्र में फैक्ट्रियों से काला धुआं निकल रहा है।

  2. केमिकल की दुर्गंध और धुएं से सांस लेने में दिक्कत हो रही है।

  3. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित है।

रंजीत मिश्रा, ग्रेटर नोएडा। अभी नवंबर आया भी नहीं, लेकिन ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में दिसंबर जैसी धुंध छाने लगी है। शहर के औद्योगिक क्षेत्र साइट-बी स्थित फैक्ट्रियों की चिमनियां दिन-रात काला धुआं उगल रही हैं।

केमिकल और धुएं के गुबार से पूरा इलाका प्रदूषित हो रहा है, लेकिन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और प्राधिकरण आंख मूंदे बैठे हैं। स्थानीय कामगारों का कहना है कि सुबह-शाम साइट-बी की सड़कों पर धुंध जैसी स्थिति रहती है।

सांस लेना मुश्किल हो रहा है। कई इकाइयों में बिना फिल्टर के चिमनियां चल रही हैं। केमिकल की दुर्गंध से आंखों में जलन और सांस की दिक्कत आम हो गई है।

कामगारों को मजबूरी में इसी माहौल में काम करना पड़ रहा है। इलाके में टायर, प्लास्टिक, केमिकल और पेंट की कई इकाइयां हैं।

कागजों में कार्रवाई, जमीन पर धुआं

नियमों के अनुसार चिमनियों में प्रदूषण नियंत्रण यंत्र लगाना अनिवार्य है, लेकिन कई फैक्ट्रियों में मानकों का पालन नहीं हो रहा। शाम ढलते ही कई फैक्ट्रियां चोरी-छिपे कचरा और केमिकल वेस्ट भी जलाती हैं, जिससे प्रदूषण और बढ़ जाता है।

इस संबंध में क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी विकास मिश्रा का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है। जहां से शिकायतें मिल रही हैं, वहां जांच कराई जाएगी।

मानकों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों पर कार्रवाई होगी और जुर्माना लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि कुछ इकाइयों को पहले नोटिस भी जारी किए गए हैं।

वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि कार्रवाई सिर्फ कागजों में होती है। जमीनी स्तर पर धुएं से हालात बिगड़ते जा रहे हैं और जिम्मेदार मौन हैं।

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