10% भूखंड की मांग पर अड़े किसान, ग्रेनो प्राधिकरण पर आज हल्ला बोल; आर-पार की लड़ाई का एलान
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर किसान संघर्ष मोर्चा के बैनर तले हजारों किसान जुटेंगे। वे 10% विकसित भूखंड और नए भूमि ...और पढ़ें

किसानों का ग्रेटर नोएडा प्रशासन के खिलाफ हल्ला बोल। फोटो: जागरण
HighLights
हजारों किसान ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर करेंगे प्रदर्शन
10% विकसित भूखंड और मुआवजे की मुख्य मांग
मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का एलान
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर बुधवार को किसान संघर्ष मोर्चा के बैनर तले हजारों किसान जुटेंगे। किसान ट्रैक्टर-ट्राली और निजी वाहनों से प्राधिकरण पहुंचेंगे और साफ कर चुके हैं कि 10 प्रतिशत विकसित भूखंड की मांग पूरी हुए बिना वापस नहीं हटेंगे। मोर्चे ने आंदोलन को निर्णायक और आर-पार की लड़ाई बताया है।
चार प्रमुख मांगों पर अड़े किसान
किसानों की चार प्रमुख मांगों में 10 प्रतिशत विकसित भूखंड, गांवों की आबादियों का निस्तारण, नए भूमि अधिग्रहण कानून के अनुसार 20 प्रतिशत भूखंड और 20 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर मुआवजा शामिल है। किसान संघर्ष मोर्चा का कहना है कि इन मांगों को लेकर किसान लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं।
वार्ता नहीं होने से बढ़ा आक्रोश
किसान एकता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोरन प्रधान ने कहा कि यह चुनावी वर्ष है। किसान अपने प्रमुख मुद्दों का समाधान कराकर ही दम लेंगे। उन्होंने कहा कि अब आर-पार की लड़ाई होगी।
भारतीय किसान परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखबीर खलीफा ने कहा कि 17 जुलाई और 17 अगस्त के आंदोलनों के बाद जिला प्रशासन और प्राधिकरण ने वार्ता का आश्वासन दिया था। लेकिन तीनों प्राधिकरणों के सीईओ के साथ किसानों की बैठक नहीं कराई गई। इससे किसानों में भारी आक्रोश है।
मांग पूरी होने तक जारी रहेगा मोर्चा
किसान सभा के जिला अध्यक्ष डाॅ. रुपेश वर्मा ने कहा कि पिछले तीन साल से किसान मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलन के चलते मुआवजे में वृद्धि हुई है, लेकिन वह अभी भी बाजार दर से काफी कम है। किसानों की मांग नए कानून के अनुसार मुआवजा देने की है।
मोर्चा के संयोजक वीर सिंह नागर ने कहा कि जनप्रतिनिधि निजी स्वार्थ में लगे हैं और किसानों की आवाज मुख्यमंत्री तक नहीं पहुंचा रहे। उनके अनुसार, मोर्चा के प्रयास से ही 10 प्रतिशत भूखंड का प्रस्ताव बोर्ड बैठक से पास होकर शासन को भेजा गया है। उन्होंने कहा कि आंदोलन अंतिम चरण में है और मांग पूरी होने तक किसान पीछे नहीं हटेंगे।
