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ग्रेटर नोएडा में भीषण हादसा, निर्माणाधीन मॉल में पानी से भरे बेसमेंट में घुसी कार; ड्राइवर की दर्दनाक मौत

By Gajendra PandeyEdited By: Kushagra Mishra
Published: Sat, 17 Jan 2026 12:49 PM (GMT+05:30)

ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क क्षेत्र में शुक्रवार देर रात एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर नाले की बाउंड्रीवाल तोड़ते ...और पढ़ें

बाउंड्रीवाॅल तोड़ कर माॅल के बेसमेंट में भरे पानी में गिरे कार चालक की मौत। जागरण

बाउंड्रीवाॅल तोड़ कर माॅल के बेसमेंट में भरे पानी में गिरे कार चालक की मौत। जागरण

HighLights

  1. कार अनियंत्रित होकर बेसमेंट के पानी में गिरी

  2. हादसे में 27 वर्षीय कार चालक की मौत

  3. पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जांच जारी

जागरण संवाददाता, ग्रेटर नाेएडा। नाॅलेज पार्क कोतवाली क्षेत्र में शुक्रवार देर रात सेक्टर-150 मोड़ पर तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर नाले की बाउंड्रीवाॅल तोड़ते हुए निर्माणाधीन शॉपिंग माॅल के बेसमेंट में भरे पानी में जा गिरी।

आसपास के लोगों की सूचना पर पीवीआर पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। स्थानीय पुलिस, दमकल कर्मी और एनडीआरएफ की टीम को सूचना दी। स्थानीय गोताखोराें की मदद से रेस्क्यू कर कार में फंसे चालक को तब तक बाहर निकाला गया।

नोएडा सेक्टर-150 के टाटा यूरेका पार्क निवासी मृतक युवराज मेहता के पिता राजकुमार मेहता ने बताया कि पुत्र शुक्रवार रात लगभग 12 बजे अपने गुरुग्राम स्थित कार्यालय से कार मारुति ग्रैंड विटारा संख्या यूपी-16-ईएम-1190 से घर लौट रहा था। गुरुग्राम की कंपनी में इंजीनियर था। 

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घना कोहरा होने के कारण एटीएस ली-ग्रैंडिओस सोसायटी के पास सड़क किनारे बने गहरे नाले का सही से अंदाजा नहीं लग सका। उनकी कार नाले की बाउंड्री तोड़ते हुए लगभग 70 फीट गहरे पानी से में जा गिरी।

हादसे में युवराज की मौके पर ही मृत्यु हो गई। परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि उक्त स्थान पर नाला खुला हुआ है। वहां न तो पर्याप्त बैरिकेडिंग है और न ही रिफ्लेक्टर या चेतावनी संकेतक लगे हुए हैं। 

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सेक्टर-150 के निवासियों द्वारा पहले भी नोएडा प्राधिकरण से कई बार लिखित व मौखिक रूप से मांग की गई थी कि नाले के किनारे मजबूत बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर और साइन बोर्ड लगाए जाएं।

जिससे रात के समय या कोहरे में आने-जाने वाले वाहन चालकों को खतरे का संकेत मिल सके। बावजूद इसके अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इस लापरवाही के चलते इससे पहले भी कई हादसे हो चुके हैं।

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