जिम्स ग्रेटर नोएडा में खुलेगा प्रदेश का पहला ITBI सेंटर, स्टार्टअप्स को मिलेगा बड़ा लाभ
जिम्स, ग्रेटर नोएडा में प्रदेश का पहला और देश का दूसरा इंक्लूसिव टेक्नोलॉजी बिजनेस इंक्यूबेटर (ITBI) सेंटर खुलेगा। यह सेंटर ...और पढ़ें

जिम्स, ग्रेटर नोएडा में प्रदेश का पहला और देश का दूसरा इंक्लूसिव टेक्नोलॉजी बिजनेस इंक्यूबेटर (ITBI) सेंटर खुलेगा।
HighLights
जिम्स में प्रदेश का पहला ITBI सेंटर खुलेगा।
स्टार्टअप्स को 2 करोड़ रुपये का फंड मिलेगा।
मेंटरशिप और क्लीनिकल परीक्षण की सुविधा मिलेगी।
आशीष चौरसिया, ग्रेटर नोएडा। राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में प्रदेश का पहला और देश का दूसरा इंक्लूसिव टेक्नोलाजी बिजनेस इंक्यूबेटर (आइटीबीआइ) सेंटर जल्द खुलेगा। जिम्स और डिपार्टमेंट आफ साइंस एंड टेक्नोलाजी आइटीबीआइ के बीच एमओयू हस्ताक्षर हो गया है।
इसके तहत जिम्स को आइटीबीआइ की ओर से दो करोड़ रुपये का फंड भी दिया जाएगा। आइटीबीआइ के सेंटर खुल जाने से जिम्स में इंक्यूबेटेड स्टार्टअप और होने वाले स्टार्टअप को आर्थिक और मेंटरशिप का लाभ मिल सकेगा। साथ ही लैब में क्लीनिकल परीक्षण की भी सुविधा दी जाएगी।
जिम्स सीएमई के सीईओ डा. राहुल सिंह ने बताया कि देश में आइटीबीआइ का अभी तक सरकारी मेडिकल कालेज में सिर्फ एक में ही था। पहला सेंटर पटना एम्स में आइटीबीआइ का बना हुआ है। अब देश का दूसरा सेंटर जिम्स में बनने जा रहा है। जिम्स के इंक्यूबेशन सेंटर में अब तक कुल 70 स्टार्टअप इंक्यूबेटेड हैं।
इनमें से 30 स्टार्टअप उत्तर प्रदेश के हैं और बाकी के 40 स्टार्टअप देश के अलग-अलग राज्यों के हैं। इन स्टार्टअप को अभी तक जिम्स में सिर्फ क्लीनिकल परीक्षण की ही सुविधा मिल पा रही थी। इसके अलावा स्टार्टअप को आर्थिक मदद के लिए अन्य स्थानों से मदद लेना पड़ रहा था, लेकिन अब जिम्स में आइटीबीआइ सेंटर खुल जाने से यहां पर इंक्यूबेटेड स्टार्टअप को कहीं और भटकने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
आइटीबीआइ सेंटर की ओर से ही स्टार्टअप को आर्थिक मदद दिए जाने के साथ ही प्रशिक्षण की सुविधा मिल सकेगी। इससे स्टार्टअप को तैयार करने में होने वाली परेशानियों का समाधान होने के साथ उन्हें कम समय में तैयार किया जा सकेगा और मरीजों के लिए उपलब्ध कराया जा सकेगा।
इस तरह दिया जाएगा दो करोड़ रुपये का फंड
आइटीबीआइ की ओर जिम्स को दिए जाने वाले दो करोड़ रुपये फंड को चार बार में दिया जाएगा। हर किस्त 50 लाख रुपये के तौर पर दी जाएगी। वहीं अभी आइटीबीआइ की ओर से जिम्स में कोई अलग से लैब नहीं तैयार की जाएगी, बल्कि जिम्स में पहले से बनी लैब में ही स्टार्टअप को सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
स्टार्टअप को मेंटरशिप में इनका मिलेगा मार्गदर्शन
जिम्स में इंक्यूबेटेड स्टार्टअप को आइटीबीआइ सेंटर की ओर से दी जाने वाली मेंटरशिप में डाक्टर, इंजीनियर, आइआइटीएन और मार्केटिंग के अलावा अन्य विशेषज्ञों की ओर से मदद की जाएगी। इससे तैयार होने वाले मेडिकल हेल्थकेयर के स्टार्टअप को कम लागत में बेहतर तरीके से तैयार किया जा सकेगा।
हमारे यहां पर प्रदेश का पहला आइटीबीआइ सेंटर खुलने जा रहा है। यह हमारे और स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करने स्टार्टअप के लिए एक बड़़ी उपलब्धि है। इससे स्टार्टअप को आर्थिक मदद मिलने के साथ ही उन्हें बेहतर मेंटरशिप भी मिल सकेगी।
-डॉ. बिग्रेडियर राकेश गुप्ता, निदेशक जिम्स
