फटने से पहले ही ये सूंघ लेगा विस्फोटक, UP पुलिस को मिली रूस का सीक्रेट वेपन; यूपी ट्रेड शो में दिखा जलवा
गौतमबुद्ध नगर कमिश्नरेट पुलिस को रूस की अत्याधुनिक 'एक्सप्लोसिव वेपर डिटेक्टर' डिवाइस मिली है, जो हवा में दुर्गंध से बम ...और पढ़ें

ट्रेड शो में पुलिस के स्टाल पर रखी, विस्फोटकों की पहचान करने वाली 'एक्सप्लोसिव वेपर डिटेक्टर' डिवाइस। फोटो: जागरण
HighLights
गौतमबुद्ध नगर पुलिस को मिली अत्याधुनिक 'एक्सप्लोसिव वेपर डिटेक्टर' डिवाइस
यह डिवाइस फटने से पहले हवा में बम की दुर्गंध पहचानेगी
एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा मजबूत होगी
गजेंद्र पांडेय, ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश सरकार ने गौतमबुद्ध कमिश्नरेट पुलिस के सुरक्षा चक्र को और मजबूत किया है। बम स्क्वाॅड काे रूस की अत्याधुनिक तकनीकी से लैसे ‘एक्सप्लोसिव वेपर डिटेक्टर’ डिवाइस का ईवीडी-एम-आईओएन मॉडल उपलब्ध कराया गया है।
यह डिवाइस फटने से पहले ही हवा में ही दुर्गंध से बम का पता कर सचेत कर देगा। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में पुलिस के स्टाल पर उक्त डिवाइस प्रदर्शित कर आमजन को सुरक्षा का भरोसा दिलाया गया।
हवा में ही विस्फोटक का पता चल जाएगा
पुलिस विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, योगी सरकार ने आमजन को आतंकी और विस्फोटक खतरों से बचाने की दिशा में सुरक्षा दस्तों को अत्याधुनिक तकनीक से लैस किया है। ट्रेड शो में पुलिस के स्टाल पर प्रदर्शित हाईटेक उपकरणों व असलहों के प्रदर्शन से इसकी पुष्टि हुई है।
‘एक्सप्लोसिव वेपर डिटेक्टर’ डिवाइस लोगों के आकर्षण का केंद्र बना। यह पोर्टेबल डिवाइस हवा में मौजूद विस्फोटक के बेहद छोटे कणों को भी सूंघ कर पकड़ लेता है। रूस की तकनीकी से लैस यह डिवाइस आई एमएस तकनीकी पर काम करती है। इसका वजन सिर्फ लगभग 2 किलो है, जिससे जवान इसे आसानी से हाथ में लेकर आपरेशन कर सकते हैं।
10 सेकंड में विस्फोटक की पहचान
यह डिवाइस दो मोड में काम करती है। पहला वेपर मोड, जो सर्च और आइडेंटिफिकेशन करता है। दूसरा है पार्टिकल मोड, जो आरडीएक्स, एएनएफओ, एचएमएक्स, पीईटीएन और एनजी जैसे खतरनाक विस्फोटक कंपोनेंट्स के ट्रेस को पकड़ लेता है।
डिवाइस दूरी से ही शुद्ध और मिलावट वाले दोनों तरह के विस्फोटकों के ढेर का पता लगा लेता है। 10 सेकंड से भी कम समय में मिलिट्री, पारंपरिक और घर में बने विस्फोटकों को वर्गीकृत करके बता देता है
हर जगह किया जा सकेगा इस्तेमाल
अधिकारियों के मुताबिक, इस डिवाइस का इस्तेमाल एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन पर लगेज और संदिग्ध वस्तुओं की स्क्रीनिंग, गाड़ियों की तलाशी, बिल्डिंग, परिसरों में सर्च आपरेशन और हाई-सिक्योरिटी वाले सार्वजनिक कार्यक्रमों में भीड़ की सुरक्षा, बाॅर्डर और चेक-पोस्ट पर संदिग्ध सामग्री की जांच, बम थ्रेट रिस्पान्स में विस्फोटक खतरे का आंकलन में किया जा सकेगा।
12 से 14 तरह के विस्फोटक का पता चलेगा
अधिकारियों के मुताबिक, यह डिवाइस करीब 12 से 14 प्रकार के मिलिट्री और प्लास्टिक विस्फोटकों, पराक्साइड बेस्ड होममेड विस्फोटक, नाइट्रेट बेस्ड विस्फोटक और प्रोपेलेंट और अन्य प्रकार के विस्फोटकों का पता लगा लेगा।
