जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा: फिल्म सिटी की निविदा तैयार हो गई है। यमुना प्राधिकरण ने इसे स्वीकृति के लिए शासन को भेज दिया है। इस साल के अंत तक विकासकर्ता का चयन हो जाएगा। फिल्म सिटी को डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, आपरेट, ट्रांसफर आधार पर विकसित किया जाएगा। विधानसभा चुनाव से पहले फिल्म सिटी का शिलान्यास होने की संभावना है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी परियोजना फिल्म सिटी को वैश्विक स्तर की सुविधाओं से लैस करने की योजना है। इसलिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने से पहले दुनिया भर की फिल्म सिटी का बारीकी से अध्ययन करने के बाद उनकी खूबियों को इसमें शामिल किया गया है। एक ही जगह पर फिल्म निर्माण की प्री से लेकर पोस्ट प्रोडक्शन की सभी सुविधाएं निर्माताओं को मिलेंगी। साउंड से लेकर स्पेशल विजुअल इफेक्ट के लिए स्टूडियो होंगे। हिदी भाषी प्रदेश की प्रतिभाओं को मौका मिलने के साथ राजस्व का बड़ा स्त्रोत बनाने की तैयारी है।

इसे एक हजार एकड़ में तीन चरण में विकसित करने की योजना है। इसके 75 फीसद हिस्से में फिल्म निर्माण से जुड़ी गतिविधियां होंगी। शेष में पांच फीसद पर फिल्म इंस्टीट्यूट, 15 फीसद में एम्यूमेंट पार्क, हास्पिटेलिटी, कामर्शियल, सर्विस रेजिडेंस व आफिस आदि होंगे।

फिल्म सिटी की डीपीआर व निविदा एवं कंसेशन एग्रीमेंट को कोल्डवैल बैंकर्स रिचर्ड एलिस सीबीआरई साउथ एशिया प्रा. लि. से तैयार कराया गया है। मुख्य सचिव आरके तिवारी की अध्यक्षता में गठित समिति की स्वीकृति के बाद वैश्विक निविदा जारी की जाएगी।

फिल्म सिटी की लागत करीब दस हजार करोड़ आंकी गई है। पांच सौ करोड़ या उससे अधिक की नेट वर्थ वाली देशी विदेशी कंपनी को फिल्म सिटी की निविदा में भाग लेने का मौका मिलेगा । यमुना प्राधिकरण सीईओ डा. अरुणवीर सिंह ने बताया कि फिल्म सिटी को पीपीपी माडल पर बनाया जाएगा। निविदा व कंसेशन एग्रीमेंट तैयार हो चुके हैं। इन्हें स्वीकृति के लिए शासन को भेजा गया है।

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