DSSSB लाइब्रेरियन परीक्षा में नकल के आरोपी को नहीं मिली राहत, कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका
दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (DSSSB) लाइब्रेरियन परीक्षा में नकल के आरोपी प्रदीप कुमार को कोर्ट से राहत नहीं मिली। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संदीप यादव ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी, क्योंकि उस पर लगे आरोप गंभीर थे। प्रदीप कुमार को परीक्षा में नकल करते हुए पकड़ा गया था, जिसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज किया था। कोर्ट ने कहा कि उसे जमानत पर रिहा करने से समाज में गलत संदेश जाएगा।

प्रतीकात्मक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। अदालत ने दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (डीएसएसएसबी) परीक्षा में पकड़े गए आरोपित नितिन उर्फ राहुल की जमानत याचिका खारिज कर दी। वादी गुरुदत्त रगा एवं परीक्षा के ओवरआल इंचार्ज ने 16 सितंबर 2025 को थाना सेक्टर-58 क्षेत्र में मामला दर्ज कराया था।
बताया था कि 15 सितंबर को आयन डिजिटल जोन-1 सेक्टर 62 में आयोजित लाइब्रेरियन भर्ती परीक्षा (पोस्ट कोड-803/24) की तीसरी शिफ्ट में एक ही नाम, एक ही पिता के नाम और एक ही जन्मतिथि वाले दो अभ्यर्थी मिले थे। उपस्थिति पत्र पर दोनों की तस्वीरें अलग थीं। जबकि ई-एडमिट कार्ड और हस्ताक्षरों में समानता मिली थी।
दोनों अभ्यर्थियों नितिन कुमार और नितिन उर्फ राहुल ने साजिश रचकर आधार कार्ड में पिता का नाम राकेश और पता समान दर्ज कराया था। इससे परीक्षा में दोनों के रोल नंबर पास-पास आएं और एक-दूसरे की मदद कर सकें। संदेह पर परीक्षा अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया था।

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