क्यों अचानक हमलावर हो जाते हैं कुत्ते, शेल्टर होम में रखने से आएगा सुधार? कैंब्रिज के प्रोफेसर ने बताया सबकुछ
गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय में हुए अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में विशेषज्ञों ने कुत्तों के आक्रामक व्यवहार का समाधान नसबंदी बताया। उन्होंने झुंड में ...और पढ़ें

जीबीयू में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में विशेषज्ञ।
HighLights
नसबंदी कुत्तों की आक्रामकता का सटीक और प्रभावी समाधान।
झुंड में एकत्र होने या आनुवंशिक कारण से होते आक्रामक।
भारत में विशेष कानून, प्रशिक्षण और कानूनी कार्रवाई की मांग।
आशीष चौरसिया, ग्रेटर नोएडा। झुंड में एकत्र होकर या आनुवांशिक कारणों के अलावा विभिन्न नस्लों के कुत्तों के आक्रामक होने की समस्या का सटीक समाधान नसबंदी है। यह हल गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय में आयोजित हुए अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में विशेषज्ञों ने निकाला।
विशेषज्ञों ने बताया कि अक्सर देखने को मिलता है कि आवारा घूमने वाले कुत्ते लोगों पर अचानक हमलावार हो जाते हैं। यह प्राय पीछे से ही हमला करते हैं।
आवारा कुत्ते अक्सर झुंड में होने के बाद ही हमलावर होते हैं, वहीं कई बार पालतू कुत्ते भी हमलावर हो जाते हैं। इनमें आनुवांशिक कारण शामिल होते हैं।
अकेले कुत्ते कभी आक्रामक नहीं होते
सम्मेलन में शामिल हुए कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डोनाल्ड ब्रुम ने बताया कि कुत्तों के झुंड एकत्र होने पर ही अक्सर आक्रामक होते हैं। उन्होंने बताया कि अकेला होने पर कभी भी कुत्ते आक्रामक नहीं होते हैं।
वही अकेला कुत्ता आक्रामक होता है, जिनमें आनुवांशिक लक्षण होते हैं। इस कारण वह अचानक लोगों पर हमला बोलकर घायल कर देते हैं।
उन्होंने बताया कि शेल्टर रूम में बंद करना कुत्तों के आक्रामक रवैये को खत्म नहीं कर सकता है। इससे वह कई बार और अधिक आक्रामक हो जाते हैं।
वातावरण बदलने से भी होते हैं आक्रामक
उन्होंने बताया कि कुत्तों की प्रजाति में प्रवृत्ति होती है कि वह एकत्र होने के बाद आक्रामक होते हैं। झुंड में होने के दौरान उन्हें लगता है कि वह सामने वाले को खा सकते हैं और इसी सोच के साथ लोगों पर हमला बोल देते हैं।
ए वर्ल्ड ऑफ गुड इनिशिएटिव में रिसर्च डायरेक्टर (साइंस) डॉ. जेरमई मरचेंट ने बताया कि कुत्तों में पाया गया है कि जब उन्हें उनके अलग वातावरण में ले जाया जाता है, तो उनके स्वभाव पर प्रभाव पड़ता है।
ऐसे में वह पालतू होने के बाद भी आक्रामक हो जाते हैं। इसके अलावा पालतू कुत्तों को लोग कुछ समय बाद बाहर छोड़ देते हैं। इस दौरान आवारा कुत्तों के द्वारा किए जाने वाले हमले भी उन्हें आक्रामक स्वभाव का बना देते हैं। इसके चलते भी कुत्ते लोगों पर हमला कर घायल कर देते हैं।
कानून बनाए जाने के साथ नसबंदी है सफल उपाय
विशेषज्ञों ने बताया कि आक्रामक हो रहे कुत्तों को सामान्य बनाने के लिए भारत में एक खास कानून बनाया जाना चाहिए। कानून में कुत्तों को पालन करने वाले लोगों को खास प्रशिक्षण लेना शामिल किया जाए।
साथ ही पालने के बाद बाहर छोड़ने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शामिल की जाए। इसके अलावा आवारा कुत्तों पर हमला करने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शामिल की जाए।
