जागरण संवाददाता, नोएडा : सेक्टर 93 स्थित आम्रपाली सफायर चौकी के सामने से सरकारी गाड़ी में गुजर रहे पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ओपी ¨सह को वहां के प्रभारी और कांस्टेबल नहीं पहचान सके। चौकी प्रभारी ने उनकी गाड़ी को देखकर भी सैल्यूट नहीं किया। ड्यूटी पर मौजूद कांस्टेबल बिना टोपी में मिला। डीजीपी ने तत्काल गाड़ी रुकवाई और दोनों से पूछताछ शुरू कर दी। इससे उनके होश उड़ गए। आनन-फानन में कांस्टेबल ने टोपी तो पहनी, लेकिन उससे अशोक की लाट ही गायब थी। गुस्साए डीजीपी ने इसे अनुशासनहीनता करार देते हुए एसएसपी को फोन किया और तत्काल प्रभाव से दोनों को निलंबित करने के निर्देश दिए। दरअसल, डीजीपी ओपी ¨सह बुधवार सुबह किसी काम से शहर आए थे। इसकी जानकारी सिर्फ कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को ही थी। डीपीजी एस्कॉर्ट के साथ तीन स्टार लगी हुई अपनी सरकारी गाड़ी से दोपहर करीब दो बजे सेक्टर 93 स्थित आम्रपाली सफायर पुलिस चौकी के सामने से गुजर रहे थे। चौकी के बाहर प्रभारी दारोगा हरिभान ¨सह खड़े थे। उनके सामने से ही डीजीपी की गाड़ी गुजरी, लेकिन उन्होंने सैल्यूट नहीं किया। यह देख कर डीजीपी को आश्चर्य हुआ और उन्होंने अपनी गाड़ी रुकवा दी। पूछताछ शुरू की तो सकपका गए प्रभारी व कांस्टेबल

डीजीपी जब पूछताछ करने लगे तब चौकी प्रभारी व कांस्टेबल को उनके किसी बड़े अधिकारी होने का अंदेशा हुआ। कांस्टेबल योगेश ने भाग कर चौकी में रखी टोपी पहनी, लेकिन हड़बड़ी में अशोक की लाट लगाना भूल गए। यह देख डीजीपी और गुस्सा गए। उन्होंने दोनों को कड़ी फटकार लगाते हुए पूछा कि क्या पुलिस विभाग में यही अनुशासन सिखाया जाता है?

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अनुशासनहीनता पर हुई कार्रवाई : एसएसपी

एसएसपी डॉ. अजय पाल शर्मा का कहना है कि दोनों पुलिसकर्मी डीजीपी को पहचानने में असफल रहे और उन्होंने सैल्यूट नहीं किया। यह अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

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दो घंटे पहले ही संभाला था चौकी का प्रभार

आम्रपाली सफायर पुलिस चौकी सेक्टर 39 कोतवाली क्षेत्र में आती है। एसएसपी ने मंगलवार रात को ही हरिभान ¨सह को चौकी प्रभारी बनाया था। इससे पहले वह सेक्टर 24 कोतवाली में तैनात थे। बुधवार सुबह कोतवाली पहुंचकर उन्होंने प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार ¨सह से चौकी का प्रभार लिया था। कोतवाली से कुछ देर पहले ही वह चौकी पहुंचे थे।

Posted By: Jagran