जागरण संवाददाता, नोएडा : प्रदेश के डीजीपी ओपी ¨सह को आम्रपाली सफायर पुलिस चौकी प्रभारी हरिभान ¨सह और कांस्टेबल योगेश कुमार नहीं पहचान सके। बुधवार दोपहर करीब दो बजे सादी वर्दी में डीपीजी तीन स्टार लगी सरकारी गाड़ी से चौकी पहुंचे थे। चौकी पर मौजूद हरिभान ¨सह उन्हें देख कर सैल्यूट नहीं किए, जबकि कांस्टेबल योगेश कुमार बिना टोपी में मिले। इससे नाराज डीजीपी ने चौकी प्रभारी से पूछताछ शुरू कर दी, तब दोनों उन्हें पहचान सके। आनन-फानन में कांस्टेबल ने टोपी पहनी, लेकिन टोपी से अशोक की लाट ही गायब थी। इससे आक्रोशित डीजीपी ने दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

दरअसल, डीजीपी ओपी ¨सह बुधवार सुबह किसी काम से शहर में थे। इसकी जानकारी सिर्फ कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को ही थी। थाने स्तर पर किसी को उनके शहर में मौजूद होने की भनक तक नहीं थी। डीपीजी एस्कार्ट के साथ गाड़ी से दोपहर करीब दो बजे सेक्टर 93 स्थित आम्रपाली सफायर पुलिस चौकी के सामने से गुजर रहे थे। उनकी गाड़ी पर तीन स्टार लगा था, जो डीजीपी की गाड़ी में लगता है। चौकी के बाहर दो स्टार में चौकी प्रभारी हरिभान ¨सह खड़े थे। उनके सामने से ही गाड़ी गुजरी, लेकिन उन्होंने सैल्यूट नहीं किया। यह देख कर डीजीपी भड़क गए। वह गाड़ी से बाहर निकले और चौकी प्रभारी से पूछताछ शुरू कर दी।

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हड़बड़ी में टोपी में अशोक की लाट लगाना भूल गया कांस्टेबल

डीजीपी जब पूछताछ करने लगे, तब दोनों को बड़े अधिकारी होने का अंदेशा हुआ। कांस्टेबल योगेश ने भाग कर चौकी में रखी टोली पहनी, लेकिन हड़बड़ी में अशोक की लाट लगाना भूल गए। यह देख डीजीपी और भड़क गए। उन्होंने दोनों को कड़ी फटकार लगाते हुए पूछा कि क्या यही पुलिस विभाग में अनुशासन सिखाया जाता है? इसके बाद उन्होंने दोनों को तत्काल निलंबित कर दिया।

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दो घंटे पहले ही संभाला था चौकी का प्रभार

आम्रपाली सफायर चौकी सेक्टर 39 कोतवाली क्षेत्र में आती है। एसएसपी ने मंगलवार रात को ही हरिभान ¨सह को चौकी प्रभारी बनाया था। इससे पहले वह सेक्टर 24 कोतवाली में तैनात थे। बुधवार सुबह कोतवाली पहुंचकर उन्होंने प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार ¨सह को अपना परिचय देते हुए चौकी का प्रभार लिया था। कोतवाली से कुछ देर पहले ही वह चौकी पहुंचे थे। वह एमिटी चौकी इंचार्ज गिर्राज ¨सह को भी चौकी पर बुला रहे थे, लेकिन उन्होंने चे¨कग की बात कह कर आने से इन्कार कर दिया था।

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दोनों पुलिसकर्मी डीजीपी को पहचानने में असफल रहे और उन्होंने सैल्यूट नहीं किया। यह कार्य अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

--डॉ. अजय पाल शर्मा, एसएसपी

Posted By: Jagran