जागरण संवाददाता, नोएडा :

बेसहारा गोवंश के संरक्षण में शिथिलता बरतने और वित्तीय अनियमितता पर महाराजगंज के डीएम समेत पांच अधिकारी के निलंबन के बाद सेक्टर-135 स्थित नंगली वाजिदपुर स्थित गोवंश आश्रय स्थल पर सवाल खड़ा हुआ है। यहां 650 से अधिक गोवंश रहते हैं। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार गोशाला में जिलाधिकारी के निर्देश और निर्धारित तिथि गुजरने के बाद भी यहां चार दीवारी बनाने का काम शुरू नहीं हो सका है।

गौरतलब है पिछले दिनों दैनिक जागरण ने गोवंश आश्रय स्थल में रहने वाले पशुओं की स्थिति पर रिपोर्ट प्रकाशित की थी। हरकत में आए नोएडा प्राधिकरण समेत पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया था। गोशाला के चारों ओर डेढ फुट की चार दीवारी खड़ी करने को मंजूरी मिली थी। लेकिन करीब एक माह बाद भी इसका काम नहीं शुरू हो सका है। इसके चलते आवारा कुत्ते अब भी टीन सीड के नीचे से प्रवेश कर गोवंश को निशाना बना रहे हैं। इस संबंध में शनिवार को प्रमुख सचिव प्राविधिक, व्यावसायिक शिक्षा व कौशल विकास राधा एस चौहान ने गोशाला का निरीक्षण किया। यहां गोवंश को मिल रही सुविधाओं पर एक गुप्त रिपोर्ट तैयार की। जो उत्तर प्रदेश शासन को सौंपी जाएगी। इस दौरान उनके साथ पशु चिकित्सा अधिकारी व वरिष्ठ जन स्वास्थ्य प्रबंधक एससी मिश्रा मौजूद रहे।

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गोशाला में चार दीवारी के निर्माण का जिम्मा नोएडा प्राधिकरण को सौंपा गया है। निर्माण में देरी क्यों हो रही है। इस संबंध नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों से बात की जाएगी।

- डॉ. वीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव, पशु चिकित्सा अधिकारी, गौतमबुद्ध नगर

Posted By: Jagran

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