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जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा : उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) के कंसीलेशन फोरम में शुक्रवार को 14 मामलों पर सुनवाई हुई। सभी मामले सुपरटेक बिल्डर से जुड़े हुए थे। कंसीलेशन फोरम के कंसीलेटर आरडी पालिवाल ने मध्यस्ता करते हुए बिल्डर व खरीदारों के बीच समझौता कराया। सुनवाई के दौरान खरीदारों ने बिल्डर पर बीबीए (बिल्डर बायर एग्रीमेंट) के मुताबिक घर न देने का आरोप लगाया।

खरीदारों ने कहा कि वह बिल्डर को 90 फीसद तक की धनराशि जमा कर चुके हैं, लेकिन अबतक बिल्डर बायर एग्रीमेंट के आधार पर घर नसीब नहीं हुआ है। रेरा कंसीलेटर आरडी पालिवाल ने बिल्डर व खरीदारों के बीच मध्यस्ता कराते हुए बिल्डर से जवाब मांगा। बिल्डर प्रतिनिधियों ने दिसंबर 2019 तक घर देने का वादा करते हुए समय मांगा। जिस पर कंसीलेशन फोरम ने विलंब दंड राशि के साथ दिसंबर 2019 तक कब्जा देने को कहा है। कंसीलेशन फोरम के फैसले पर खरीदारों ने भी अपनी सहमति जताई है। बता दें कि कंसीलेशन फोरम 12 जुलाई को भी सुपरटेक से जुड़े सात मामलों में मध्यस्ता करते हुए बिल्डर व खरीदारों के बीच समझौता करा चुका है। कंसीलेशन फोरम को खरीदारों घर प्राप्त करने का बेहतर जरिया मान रहे हैं। कंसीलेशन फोरम में अधिकांश वही खरीदार आ रहे हैं, जो रिफंड की बजाय कब्जा प्राप्त करने की इच्छा रखते हैं। कंसीलेशन फोरम में मौजूदा समय में 47 मामले पेडिग हैं। जिसमें कंसीलेशन फोरम 27 मामलों में बिल्डर व खरीदारों के बीच समझौता करा चुका है। सुपरटेक बिल्डर के लगभग 21 मामले आए थे। कंसीलेशन फोरम सभी मामलों में दोनों पक्षों के बीच समझौता करा चुका है।

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Posted By: Jagran

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