जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा : फ्लैट देने के बजाय बिल्डरों ने दशकों पुराने फ्लैट रजिस्ट्रेशन निरस्त करने शुरू कर दिए हैं। ग्रेटर नोएडा वेस्ट की बिल्डर परियोजनाओं में फंसे खरीदार आए दिन इसकी शिकायत ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण, जिला प्रशासन, पुलिस व यूपी रेरा के अधिकारियों से कर रहे हैं। खरीदारों का आरोप है कि बिल्डर उन्हें फ्लैट रजिस्ट्रेशन निरस्त करने की धमकी दे रहे हैं। जल्द फ्लैट देने का आश्वासन देकर पहले जमा पूंजी ऐंठ ली। अब 10 से 11 साल के इंतजार के बाद भी उन्हें फ्लैट नहीं मिला है। खरीदारों ने यूपी रेरा का दरवाजा खटखटाया। जहां खरीदारों को लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है। फ्लैट खरीदारों की लड़ाई लड़ने वाली संस्था नेफोवा के अध्यक्ष अभिषेक कुमार ने बताया कि एक दर्जन से अधिक ऐसे मामले अब तक सामने आ चुके हैं। 2010-11 में फ्लैट बुकिग के दौरान फ्लैट की कीमत कम थी, लेकिन 10 से 11 साल गुजर जाने के बाद फ्लैट की कीमत काफी बढ़ गई है। अधिक मुनाफा कमाने के चक्कर में बिल्डर अब पुराने घर खरीदारों के फ्लैट निरस्त कर रहे हैं। रेरा अध्यक्ष से मिलेगा प्रतिनिधिमंडल

खरीदारों की समस्याओं के समाधान व ऐसे बिल्डरों पर नकेल कसने की मांग को लेकर खरीदारों का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को यूपी रेरा अध्यक्ष राजीव कुमार से मिलेगा। बिल्डर रेरा के आदेशों को दरकिनार कर रहा है। ऐसे में रेरा पर खरीदारों का भरोसा बना रहे, इसके लिए रेरा अधिकारियों को उचित कदम उठाने की आवश्यकता है। खरीदारों का कहना है कि प्रदेश में रेरा लागू होने से घर खरीदारों को जितनी राहत की उम्मीद थी, वो अभी तक नहीं मिल रहा है। रेरा लागू होने के बाद भी बिल्डरों की मनमानी बंद नहीं हुई है। रेरा के सर्वाधिक आदेश घर खरीदारों के हित में हैं, लेकिन बिल्डर आदेशों का पालन नहीं कर रहे हैं।

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