मिशन 2027 के लिए BJP ने साधा जातीय और क्षेत्रीय समीकरण, नोएडा समेत इन जिलों को मिली अहम जगह
भाजपा ने मिशन 2027 के लिए पश्चिम उत्तर प्रदेश की क्षेत्रीय टीम में जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को साधा है। ...और पढ़ें

गौतमबुद्ध नगर से पिछली टीम की भांति इस बार भी तीन लोगों को जगह दी गई है। एक उपाध्यक्ष, एक महामंत्री व एक कार्यकारिणी सदस्य बनाया गया है।
HighLights
भाजपा ने पश्चिमी यूपी की क्षेत्रीय टीम घोषित की।
गौतमबुद्ध नगर, मेरठ, गाजियाबाद को विशेष तवज्जो मिली।
कुछ जिलों को प्रतिनिधित्व नहीं, नियुक्तियों पर विवाद भी।
धर्मेंद्र चंदेल, नोएडा। भाजपा ने मिशन 2027 के लिए पश्चिम उत्तर प्रदेश की क्षेत्रीय टीम में जातीय गणित के साथ जिलों का भी समीकरण बैठाया गया। हालांकि, शामली, बागपत, संभल व अमरोहा समेत कुछ जिलों को प्रतिनिधितत्व नहीं मिला है।
मेरठ से सर्वाधिक आठ लोगों को टीम में जगह मिली है। गौतमबुद्ध नगर से पिछली टीम की भांति इस बार भी तीन लोगों को जगह दी गई है। एक उपाध्यक्ष, एक महामंत्री व एक कार्यकारिणी सदस्य बनाया गया है।
गाजियाबाद और हापुड़ को भी विशेष तवज्जो
पिछली बार एक महामंत्री व दो मंत्री टीम में थे। गाजियाबाद व हापुड़ का कोटा बढ़ा है। पिछली टीम की तुलना में इस बार दोनों जिलों से एक-एक अतिरिक्त पदाधिकारी शामिल किया गया है।
क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर द्वारा घोषित नई कार्यकारिणी में मेरठ व मुजफ्फरनगर के साथ गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद और हापुड़ को भी विशेष तवज्जो दी गई है।
इसका सीधा संबंध 2027 विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। पश्चिमी यूपी की 71 सीटों में एनसीआर की सीटें सबसे ज्यादा वीआईपी और हाई-प्रोफाइल मानी जाती हैं। साथ ही संगठनात्मक रूप से भी इन जिलों में बूथ मैनेजमेंट और शहरी वोटर को साधने की बड़ी चुनौती है।
संगठन की पकड़ और मजबूत होगी?
माना जा रहा है कि क्षेत्रीय टीम में प्रतिनिधित्व बढ़ने से संगठन की पकड़ और मजबूत होगी। गौतमबुद्ध नगर से पिछली टीम में हरीश ठाकुर महामंत्री, बिजेंद्र नागर व आशीष वत्स मंत्री थे। इस बार विनोद त्यागी उपाध्यक्ष, हरीश ठाकुर महामंत्री व राजे कसाना को कार्यकारणी सदस्य बनाया गया है।
गाजियाबाद से पिछली टीम में दो पदाधिकारी थे। इस बार तीन हो गए हैं। मान सिंह गोस्वामी फिर से उपाध्यक्ष बनने में कामयाब रहे। अशोक मोगा महामंत्री व कुमुदिनी सैनी को क्षेत्रीय मंत्री की जिम्मेदारी दी गई है। हापुड़ से पिछली टीम में विकास अग्रवाल महामंत्री थे। इस बार प्रवीण मित्तल को उपाध्यक्ष व ललित मोदी को सदस्य बनाया गया है।
जगह न मिलने से कई निराश
क्षेत्रीय टीम में उपाध्यक्ष व महामंत्री पद पर ब्राह्मण चेहरे को जगह नहीं मिल सकी। नोएडा से एक नेता को क्षेत्रीय महामंत्री पद का मजबूत दावेदार माना जा रहा था। सूत्र बताते हैं कि पहले उनके नाम पर मोहर लग गई थी, लेकिन अंतिम समय में उनका नाम हटा दिया गया।
एक ब्राह्मण नेता को भी शामिल किए जाने की चर्चाएं थी, उनका नाम भी सूची में नहीं आ सका। उधर, टीम में शामिल कुछ पदाधिकारियों के नामों पर विवाद है। बताया जाता है कि महामंत्री बनाए गए एक नेता पर कुछ समय पहले महिला शोषण के आरोप लगे थे।
हालांकि, मामला अब समाप्त हो चुका है। एक पदाधिकारी पर कुछ वर्ष पहले पैसे लेकर पद दिलाने के आरोप लगे थे। जबकि एक पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप है।
