जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा : उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) के चेयरमैन ने औद्योगिक क्षेत्र साइट चार स्थित विक्टोरा ग्रुप के भू-उपयोग में बदलाव के लिए नए सिरे से आवेदन करने के लिए निर्देशित किया है। आरोप है कि विक्टोरा ग्रुप के नाम मेटल एंड सीट बनाने की फैक्ट्री स्थापित करने के लिए भूखंड आवंटित किया गया था। मानक को दरकिनार कर इस भूखंड पर पांच सितारा होटल तैयार कर दिया गया। हालांकि, ग्रुप ने दावा किया था कि उन्होंने भू-उपयोग बदलाव के लिए आवेदन देने के साथ इसकी फीस भी जमा करा दी थी। इस मामले को लेकर हाई कोर्ट का दरवाजा भी ग्रुप ने खटखटाया। कोर्ट ने मामले को यूपीसीडा के पाले में डाल दिया।

यूपीसीडा ने फरवरी 2018 में भू-उपयोग के परिवर्तन को मानने से इन्कार कर ग्रुप को नोटिस थमा दिया था। बचाव में ग्रुप ने कोर्ट का सहारा लिया था। यूपीएसआइडीसी के अधिकारियों ने बताया कि ग्रुप ने भू-उपयोग परिवर्तन में नियमों का पालन नहीं किया। यूपीसीडा की अनुमति लेनी होती है। इस मामले पर सुनवाई करते हुए यूपीसीडा के चेयरमैन ने विक्टोरा ग्रुप को नए सिरे से भू-उपयोग में परिवर्तन के लिए आवेदन करने के लिए कहा है। इसे आगामी बोर्ड बैठक में रखकर अंतिम फैसला लिया जाएगा। वहीं, यूपीएसआइडीसी को यूपीसीडा में मर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। -----

शिकायत के एमएसएक्स मॉल की जांची वास्तविकता

यूपीएसआइडीसी के अधिकारियों को पूर्व में एमएसएक्स मॉल के खिलाफ एफएआर का अधिक प्रयोग करने की शिकायत मिली थी। शिकायत के बाद यूपीएसआइडीसी के अधिकारियेां ने मौके पर जाकर मॉल की वास्तिविक नाप किया। नाप के आधार पर एफएआर का हिसा लगाया जाएगा।

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विक्टोरा ग्रुप को धनराशि जमाकर भू-उपयोग परिवर्तन करना होगा। यूपी सीडा के चेयरमैन ने यह आदेश जारी किया है। अभी आदेश की कांपी क्षेत्रीय कार्यालय को नहीं मिली है। एमएसएक्स मॉल में अधिक एफएआर की भी जांच की गई है।

- अजयदीप ¨सह, क्षेत्रीय प्रबंधक यूपीएसआइडीसी ग्रेटर नोएडा

Posted By: Jagran