जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा :

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कासना स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान जिम्स का निरीक्षण करने के बाद क्यामपुर गांव के प्राथमिक विद्यालय में निगरानी समिति के सदस्यों से कोरोना के संबंध में जानकारी लेने पहुंचे। यहां मुख्यमंत्री के गृह जनपद गोरखपुर की रहने वाली निगरानी समिति की सचिव एएनएम अनीता मल्ल से मुख्यमंत्री ने जानकारी ली। अनीता को सुबह तक इसकी जानकारी नहीं थी कि मुख्यमंत्री उनसे बात करेंगे। दोपहर में मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने उन्हें इसकी जानकारी दी।

अनीता ने बताया कि जैसे ही उन्हें ये बताया गया तो वह काफी खुश हुईं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री गोरखपुर जिला स्थित उनके गांव में शादी-समारोह में आते थे तब वे उन्हें देखती थीं, लेकिन कभी ये नहीं सोचा कि इस तरह मुलाकात होगी। अनीता ने एएनएम का डिप्लोमा गोरखपुर स्थित गुरु श्री गोरक्षनाथ नर्सिग कालेज से किया है।

मुख्यमंत्री ने उनसे पूछा कि निगरानी समिति क्या होती है। जवाब में कहा कि जब से कोरोना काल शुरू हुआ है। उसके बाद से ही निगरानी समिति का गठन किया गया था। इस समिति में आठ सदस्य होते हैं। सीएम ने समिति की कार्यप्रणाली के बारे में पूछा, जिस पर अनीता ने बताया कि समिति के द्वारा लोगों को कोविड के प्रति जागरूक किया जाता है। सीएम ने पूछा कि यदि कोई कोरोना संक्रमित होता है तो आपकी टीम क्या करती है। अनीता ने कहा कि पहले जब ये व्यवस्था नहीं थीं, तब कोरोना संक्रमित को वार्ड में शिफ्ट कराया जाता था। समिति के गठन के बाद जिनके हल्के लक्षण होते हैं, उन्हें होम आइसोलेशन की सुविधा दी जाती है। मुख्यमंत्री ने निगरानी समिति के सदस्यों को अच्छा कार्य करने की बधाई दी।

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