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यूपीआईटीएस-2026 में अमरोहा के शहद-कुकीज का जलवा, इटली-ओमान और नीदरलैंड के खरीदारों ने दिए बड़े ऑर्डर

Published: Tue, 29 Sep 2026 07:23 PM (IST)

ग्रेटर नोएडा के यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में अमरोहा के किसान वेदा एफपीओ के जैविक उत्पादों ने अंतरराष्ट्रीय खरीदारों को ...और पढ़ें

यूपीआइटीएस में सत्तू के लड्डू का स्टाॅल लगाए हुए सौरभ। जागरण

यूपीआइटीएस में सत्तू के लड्डू का स्टाॅल लगाए हुए सौरभ। जागरण

HighLights

  1. अमरोहा के जैविक उत्पादों को यूपीआईटीएस में वैश्विक पहचान मिली।

  2. इटली, ओमान, नीदरलैंड से शहद, कुकीज के निर्यात सौदे हुए।

  3. किसान वेदा एफपीओ ने 50 लाख का वार्षिक कारोबार किया।

जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में चल रहे 'उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो' में अमरोहा के ग्रामीण हुनर और जैविक उत्पादों का डंका बज रहा है।

उत्तर प्रदेश कृषि विभाग द्वारा लगाए गए स्टाल पर प्रदर्शित प्रखंड बायो एनर्जी किसान प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड (ब्रांड नाम: किसान वेदा) के उत्पादों को विदेशी और घरेलू खरीदारों ने हाथों-हाथ लिया।

कभी गांव की चौखट से शुरू हुआ यह सफर अब ट्रेड शो के मंच पर अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच गया है। इटली, ओमान और नीदरलैंड की कंपनियों ने बड़े निर्यात सौदों के लिए एमओयू किए हैं।

विदेशी खरीदारों को भाया नीम-मोरिंगा शहद

ट्रेड शो में पहुंचे विदेशी खरीदारों के बीच हितेश चौधरी के एफपीओ द्वारा तैयार किए गए प्राकृतिक शहद और मिलेट्स कुकीज की सबसे अधिक मांग रही। ओमान, जापान और नीदरलैंड के प्रतिनिधिमंडलों ने शहद के आयात के लिए आधिकारिक एमओयू किया है।

नीदरलैंड के खरीदारों ने टन के हिसाब से बल्क सप्लाई की मांग रखी है, जबकि शुरुआत में 1,000 से 1,500 बोतलों के पहले बैच पर सहमति बनी है। वहीं, इटली के खरीदारों ने ज्वार और रागी से बनी कुकीज के लिए अनुबंध किया है। इसके लिए 1,600 से 2,000 रुपये प्रति किलो के भाव पर समझौता हुआ है। एफपीओ के सभी उत्पाद एपीडा और पीजीएस द्वारा अंतरराष्ट्रीय मानकों पर प्रमाणित हैं।

घरेलू कंपनियों और स्थानीय खरीदारों में भी उत्साह

ट्रेड शो के बी2बी (बिजनेस-टू-बिजनेस) और बी2सी सत्रों में स्थानीय कारोबारियों ने भी खासा उत्साह दिखाया है। बागपत के प्रमुख एफपीओ और 'डॉक्टर मोरिंगा' सहित करीब 10 से 15 घरेलू कंपनियों और एफपीओ ने उत्पादों की आपूर्ति के लिए बातचीत पूरी कर ली है। इसके अलावा, नोएडा और दिल्ली-एनसीआर से पहुंचे परिवारों ने बड़ी संख्या में स्टॉल पर आकर खरीदारी की।

कमल ककड़ी का अचार और लेमनग्रास आया पसंद

प्रदर्शनी में आने वाले खरीदारों के लिए एफपीओ के नवाचारी उत्पाद भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। सब्जी के रूप में खाई जाने वाली कमल ककड़ी का अचार, करौंदे, आंवले और लहसुन के पारंपरिक अचार को खरीदारों ने खूब पसंद किया।

वहीं, दूध से 10 गुना अधिक कैल्शियम वाले मोरिंगा पाउडर, नीम शहद, मिलेट्स नमकीन, मल्टीग्रेन आटा तथा लेमनग्रास से तैयार टी, ऑयल, हैंड सैनिटाइजर और फिनाइल की भी जमकर बिक्री हुई। पूरी तरह हैंडमेड और केमिकल-मुक्त होने के कारण स्वास्थ्य के प्रति जागरूक शहरी उपभोक्ताओं ने इन उत्पादों को प्राथमिकता दी।

120 हेक्टेयर में ताइवान पिंक अमरूद और मल्टी क्रॉपिंग का मॉडल

ट्रेड शो में पहुंचीं हितेश चौधरी ने बताया कि इन उत्पादों के पीछे 3,000 किसानों और 1,000 ग्रामीण महिलाओं की कड़ी मेहनत जुड़ी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गन्ना बेल्ट में बदलाव लाते हुए उन्होंने कोलकाता से टिश्यू कल्चर पौधे लाकर 120 हेक्टेयर में 'एडवांस ताइवान पिंक अमरूद' की खेती कराई।

किसानों की आमदनी सुनिश्चित करने के लिए गन्ने के साथ अमरूद, मोरिंगा, गेहूं और मिलेट्स (रागी, ज्वार) की मल्टी क्रॉपिंग कराई जाती है। बाजार में बिचौलियों से बचाने के लिए एफपीओ खुद खरीदार बनता है। जैसे रागी का बाजार भाव यदि 60 रुपये प्रति किलो है, तो एफपीओ किसानों से 63 रुपये प्रति किलो की दर से खरीद करता है।

अब सालाना 50 लाख रुपये का कारोबार

ट्रेड शो में मिली यह कामयाबी संघर्षों से निकलकर हासिल हुई है। एफपीओ शुरू करने से पहले हितेश एक इंटर कॉलेज में शिक्षिका थीं और बच्चों को योग सिखाती थीं।

वर्ष 2020 में उन्होंने एनआरएलएम के तहत महिला स्वयं सहायता समूह बनाया और गन्ने की सिंगल बड चिप नर्सरी तथा गाय के गोबर के दीपक बनाने शुरू किए। 17 अप्रैल 2021 को उन्होंने निजी एफपीओ की स्थापना की।

आज उनके एफपीओ का वार्षिक टर्नओवर 50 लाख रुपये पहुंच चुका है, जिसमें उनकी व्यक्तिगत आय ₹10 से 11 लाख है। इस वित्तीय वर्ष में एक करोड़ रुपये का टर्नओवर पार करने का लक्ष्य रखा गया है।

अब मोरिंगा बर्फी और हल्दी अचार की तैयारी

कृषि विभाग, नमामि गंगे और परंपरागत कृषि विकास योजना के तहत बने क्लस्टरों के माध्यम से हितेश किसानों और सखियों को प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण देती रही हैं।

ट्रेड शो में मिली वैश्विक पहचान के बाद अब वह मोरिंगा के लड्डू, मोरिंगा की बर्फी और कस्तूरी, काली व सुगंधा हल्दी के साथ हल्दी का विशेष अचार लॉन्च करने जा रही हैं।

राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित और प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री द्वारा सराही जा चुकीं हितेश चौधरी का यह सफर ट्रेड शो के माध्यम से अब वैश्विक बाजार तक पहुंच रहा है।

“यह सब सरकार के सहयोग की ही देन है कि आज हम जैसे साधारण लोग इस अंतरराष्ट्रीय मुकाम पर पहुंचे हैं। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो हमारे एफपीओ के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हुआ है। यहां कृषि विभाग के माध्यम से हमें स्टॉल मिला, जिसने सीधे विदेशी खरीदारों तक हमारी पहुंच बना दी। हैं।”

-हितेश चौधरी, संस्थापक, प्रखंड बायो एनर्जी एफपीओ (किसान वेदा)।

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