विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

आंधी-बारिश में भी नहीं बुझेंगी स्ट्रीट लाइटें, ग्रेटर नोएडा में अपनाया जा रहा है ये तकनीक

Published: Sun, 19 Jul 2026 05:05 PM (IST)

वर्षा और आंधी में स्ट्रीट लाइटों के खराब होने से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए 'ऑल वेदर डिस्ट्रीब्यूशन बॉक्स' तकनीक अपनाई जा रही है।

ऑल वेदर डिस्ट्रीब्यूशन बाक्स से स्ट्रीट लाइटें सुरक्षित रहेंगी। इमेज एआई

ऑल वेदर डिस्ट्रीब्यूशन बाक्स से स्ट्रीट लाइटें सुरक्षित रहेंगी। इमेज एआई

HighLights

  1. ऑल वेदर डिस्ट्रीब्यूशन बाक्स से स्ट्रीट लाइटें सुरक्षित रहेंगी।

  2. यह तकनीक सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में सहायक होगी।

  3. स्मार्ट ऑपरेशन से रखरखाव खर्च में 30-40% की बचत।

रंजीत मिश्रा, ग्रेटर नोएडा। वर्षा, आंधी में शार्ट सर्किट की वजह से बार-बार खराब होने वाली स्ट्रीट लाइटों को अब पुख्ता सुरक्षा मिलेगी। इसके लिए ऑल वेदर डिस्ट्रीब्यूशन बॉक्स तकनीक को अपनाया जा रहा है। केरलम में राष्ट्रीय राजमार्ग सहित अन्य प्रमुख सड़कों पर इस बाक्स को लगाना शुरू कर दिया गया है।

इससे हर मौसम में सड़क पर स्ट्रीट लाइट से उजाला फैलाने में मदद मिलेगी और सड़क दुर्घटना होने का खतरा भी कम होगा। ग्रेटर नोएडा के उद्योग विहार में इस तरह का बाक्स बनाया जा रहा है। उद्यमी जेड रहमान के अनुसार एनसीआर में इस प्रकार का बॉक्स बनाने वाली यह पहली और देश की दूसरी इकाई है।

रेलवे, सड़क समेत और अन्य परिवहन प्रणालियों में भी इस बॉक्स का इस्तेमाल हो रहा है क्योंकि यह हर मौसम में बिजली आपूर्ति को सुरक्षित बनाए रखने के अनुकूल है।

सड़क दुर्घटनाओं पर लगेगा ब्रेक 

रात में लाइट बंद होने से होने वाले हादसे आम बात हैं। खासकर मानसून में स्विच में पानी जाने से स्पार्किंग हो जाती है और पूरी लाइन ठप पड़ जाती है। आल वेदर डिस्ट्रीब्यूशन बाक्स पूरी तरह वाटरप्रूफ और मौसमरोधी है। इसकी वजह से आंधी-बारिश में भी लाइटें लगातार जलती रहेंगी। इससे सड़क पर दृश्यता बनी रहेगी और दुर्घटनाओं का खतरा कम होगा।

लॉकिंग सिस्टम के कारण छेड़छाड़ की संभावना कम 

इसके साथ ही बाक्स में लाकिंग सिस्टम दिया गया है। इससे तार कटने, चोरी और असामाजिक तत्वों द्वारा छेड़छाड़ की घटनाओं पर रोक लगेगी। अंधेरी सड़कों पर महिलाओं और रात में ड्यूटी करने वाले लोगों को भी सुरक्षा का एहसास होगा।

स्मार्ट ऑपरेशन से बचत और बेहतर निगरानी 

इस बॉक्स को वाईफाई व एप के माध्यम से मोबाइल फोन से भी आपरेट किया जा सकेगा। अब कर्मचारियों को हर खंभे तक जाकर स्विच ऑन ऑफ नहीं करना पड़ेगा।

एक क्लिक पर पूरे क्षेत्र की लाइटें नियंत्रित की जा सकेंगी। इस तकनीक से स्ट्रीट लाइटों का रखरखाव खर्च 30-40 प्रतिशत तक कम हो सकता है। बार-बार फ्यूज उड़ने और केबल जलने की समस्या खत्म होने से बिजली की बचत भी होगी।

यह भी पढ़ें: यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो की तैयारी: परी चौक से जीरो प्वाइंट तक चमकेगा एक्सप्रेसवे, खर्च होंगे 1.65 करोड़