जागरण संवाददाता, नोएडा :

बिल्डरों की मनमानी पर कौन अंकुश लगाएगा। यह बड़ा सवाल एनसीआर के निवेशकों ने शनिवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानमंत्री के सामने खड़ा कर दिया है।

नोएडा-ग्रेटर नोएडा, दिल्ली, गुड़गांव, फरीदाबाद, गाजियाबाद के करीब 600 निवेशक एनसीआर बायर्स एसोसिएशन के नेतृत्व में जीआईपी मॉल के बाहर एकत्र हुए। इसमें जेपी, थ्रीसी, यूनिटेक, सुपरटेक, गार्डनिया, एसडीएस, टूडे होम सहित 15 बड़े बिल्डर प्रोजेक्ट के निवेशक रहे। आक्रोशित निवेशकों ने मॉल से अट्टा बाजार, सेक्टर-18 होते हुए रजनी गंधा और फिल्मी सिटी तक पैदल शांति मार्च निकाला। जिसमें मांग रही कि बिल्डरों के आंतक से मुक्ति दिलाओ और निवेशकों से उनका आशियाना उपलब्ध कराओ। निवेशक इंद्रीश गुप्ता, लोकेश शर्मा, मिहिर गौतम, मार्केड मिश्रा, सत्य मिश्र सहित अन्य निवेशकों का कहना था कि करीब 6-7 वर्ष पहले बिल्डरों के प्रोजेक्ट में निवेश किया था, लेकिन आज तक बिल्डर की ओर से आशियाना उपलब्ध नहीं कराया गया है। जबकि 90 फीसद राशि वसूली जा चुकी है। ऐसे तीन वर्ष में प्रोजेक्ट को पूरा कर आशियाना देने का दावा करने वाला बिल्डर अब प्रोजेक्ट की राशि बढ़ा बढ़ा कर वसूली करने में जुटा है। जबकि उसे निवेशकों को डी लेट पेनॉल्टी देनी चाहिए। लेकिन इसके विपरीत काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस मामले पर प्रदेश के मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, जिलाधिकारी, प्रमुख सचिव सहित करीब दस लोगों को अपना मांग पत्र स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजा है। जिसमें बिल्डरों से मुक्ति दिलाने का आग्रह किया गया है।