जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा : सूरजपुर कोतवाली क्षेत्र के कुलेसरा गांव में दहेज के लिए पत्नी को कमरे में बंद करके आग लगाने के आरोपित पति को जिला न्यायालय ने दस साल के कारावास की सजा सुनाई है। मामले में न्यायालय ने महिला के सास-ससुर व देवर को भी उत्पीड़न का आरोपित माना है। तीनों को सात साल की सजा सुनाई गई है। मामले की सुनवाई कर न्यायालय ने कहा कि सभी की सजाएं एक साथ चलेंगी। मामले की सुनवाई  एडिशनल सेशन जज वेद प्रकाश वर्मा ने की।

जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता रोहताश शर्मा ने बताया कि बिहार के रहने वाले दिलीप कुमार ने 27 जून 2012 को सूरजपुर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया था कि कुलेसरा निवासी चंदन कुमार, निलेश, सुषमा और परमानंद ने उनकी बेटी को जला कर मार डाला। मामले में पुलिस ने दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी। दिलीप ने अपनी बेटी संध्या की शादी 2011 में चंदन के साथ की थी। आरोप था कि इन लोगों ने दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर संध्या को कमरे में बंद कर जिदा जलाकर मार डाला। मामले की सुनवाई सात साल तक चली। सुनवाई के दौरान कुल सात गवाह पेश हुए। पीड़ित पक्ष ने कहा कि आरोपित पक्ष दहेज में एक लाख रुपये और बाइक मांग रहा था। सुनवाई कर न्यायालय ने कहा कि महिला की मौत के मामले पति, सास ससुर व देवर दोषी है। पति को दस व अन्य तीनों को सात साल के कारावास की सजा सुनाई गई है। चारों पर अर्थदंड भी लगाया गया है।

Posted By: Jagran

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