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मुजफ्फरनगर, जेएनएन। उत्कल एक्सप्रेस के हादसे की दूसरी बरसी पर सोमवार को यहां इस हादसे में मारे गए 26 लोगों की आत्मा की शांति की प्रार्थना की। लोगों ने मृतकों को श्रद्धांजलि दी।

2017 तिथि 19 अगस्त, समय शाम करीब साढ़े पांच बजे। पुरी से हरिद्वार जाने वाली उत्कल कलिग एक्सप्रेस लाइन पर थी। उसे खतौली स्टेशन से बिना रुके गुजरना था। चंद मिनट पूर्व रेलवे के इंजीनियरिग विभाग के जेई व कर्मियों ने ब्लाक लिए बिना व ट्रेन को रोकने के लिए एहतियाती कदम उठाए बिना रेलवे लाइन को काटकर अलग कर दिया था। इस पर ट्रेन के गुजरते ही 13 डिब्बे पटरियों से उतरे और बड़ा हादसा हुआ। जिसमें 26 लोगों की मौत हुई व सैकड़ों लोग घायल हुए थे। रेलवे के अफसरों ने ट्रेन के क्षतिग्रस्त डिब्बों को तहसील व तिलकराम इंटर कालेज के सामने रेलवे ट्रैक के पास क्रेनों की मदद से डलवा दिया था। 20 मार्च को एक डिब्बे को कोचिग डिपो भेजा गया, जबकि अन्य डिब्बों को पास में डाल दिया गया था। इन डिब्बों से 21 ट्यूबलर बैट्रियां चोरी हुईं। लाखों का अन्य सामान भी चुरा लिया गया। जगत कालोनी, नई आबादी व भूड़ क्षेत्र के लोगों ने कई कार डिब्बों को वहां से उठाने की मांग की थी। डबल ट्रैक बिछने के चलते डिब्बों को हटवा दिया गया था। सोमवार को उत्कल हादसे की दूसरी बरसी पर सोमवार को अनुज सहरावत, कुलदीप तोमर, मनोज बालियान, पंकज बालियान, रिकू गुप्ता, अंकुर सिघल, पप्पू, बाबू, अनुज, प्रदीप आदि ने हादसे में मारे गए लोगों की दो मिनट का मौन रखा और दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की।

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सीआरएस के खौफ से हटे थे डिब्बे

कमिश्नर रेलवे सेफ्टी शैलेश पाठक के निरीक्षण के चलते डीआरएम एसके सिंह ने रेलवे ट्रैक का जायजा लिया। उन्होंने उत्कल एक्सप्रेस के क्षतिग्रस्त डिब्बे न उठने पर नाराजगी जताई थी। सीआरएस के खौफ के चलते क्षतिग्रस्त डिब्बों को हटवा दिया गया था।

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चोरी हुआ सामान नहीं हो सका बरामद

उत्कल एक्सप्रेस के क्षतिग्रस्त डिब्बों से कीमती सामान चुरा लिया गया था, लेकिन अभी तक चोरी हुआ सामान बरामद नहीं हो सका। रेलवे विभाग ने क्षतिग्रस्त डिब्बों को हटने के बाद चोरी हुए सामान के मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया है।

Posted By: Jagran

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