जेएनएन, मुजफ्फरनगर। कोरोना में परेशानी के दौर से गुजरे डेली पैसेंजरों को सबसे बड़ी परिवहन की समस्या झेलनी पड़ी है। ट्रेनों का संचालन पूर्ण रूप से दुरुस्त न होने से आम लोगों के साथ रेल के माध्यम से माल मंगाने वाले व्यापारियों को इस बजट में राहत की उम्मीद है। केंद्र सरकार से शहर के व्यापारी दिल्ली-पंजाब रूट पर चलने वाली सभी पैसेंजर ट्रेनों को चलाने की मांग के साथ किराए में छूट की आस लगा रहे हैं, ताकि कोरोना काल में बसों व निजी वाहनों से माल मंगाने व ड्यूटी पर जाने के लिए किराए में खर्च हुई अधिक धनराशि कवर हो सके, ताकि बिगड़े हुए खर्च भी संतुलन में आ जाएं।

कोरोना के कारण लाकडाउन में सभी कामकाज बंद होने के साथ परिवहन का पहिया भी थम गया था। ट्रेनों का संचालन भी पूरी तरह रूट पर बंद कर दिया गया था, केवल कुछ मालगाड़ियां ही रूट पर चल रही थीं। लाकडाउन खत्म होने के बाद कुछ रूटों पर एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन शुरू हुआ, लेकिन मुजफ्फरनगर से दिल्ली और पंजाब रूट पर चलने वाली ट्रेनें न चलने से स्थानीय लोग परेशान हैं। स्थानीय लोगों की इस आगामी बजट में सरकार से मांग है कि सरकार एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों में यात्रियों के लिए किराया सीमित रखे। इस बार किसी भी श्रेणी के यात्री किराए में रेलवे बढ़ोत्तरी न करे। वहीं रेल के माल किराए में भी छूट देकर कोरोना में उठाए नुकसान की भरपाई की जाए।

बोले व्यापारी..

लाकडाउन से अधिकतर ट्रेनों का संचालन बंद है, जिससे व्यापारियों को माल मंगाने के साथ डेली पैसेंजरों को प्रतिदिन के अप-डाउन में परेशानी उठानी पड़ रही है। इस समस्या का रेलवे निदान करे। वहीं बजट में कोशिश की जाए की यात्रियों को किराए में राहत के साथ जहां डबल लाइन नहीं है, वहां विस्तार कर संचालन सुगम बनाया जाए।

- घनश्याम भगत, अध्यक्ष, रेलयात्री संघ

फरवरी में आने वाले बजट में रेलवे यात्रियों की सभी सुविधाओं का ध्यान रखा जाए। ट्रेनों में सुविधाएं बढ़ाने के साथ सुगम संचालन के लिए सभी रूट पर डबल ट्रैक बने। व्यापारियों के लिए माल मंगाने में सुविधा दी जाए। रेलवे विभाग में भर्तियां बढ़ाकर रोजगार के रास्ते भी खोले जाएं। वहीं किराया सस्ता कर बाजार से महंगाई कम करने की कोशिश भी बजट में की जाए।

- दीपक गुप्ता, व्यापारी

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