मुजफ्फरनगर, जेएनएन। खरी-खरी विचार मंच के बैनर तले स्कूली बच्चों ने जल संचयन को लेकर विचार प्रकट किए। वक्ताओं ने लोगों को जल संरक्षण करने के तरीके बताए। बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए।

न्यू स्टेपिग स्टोन स्कूल परिसर में शनिवार दोपहर गोष्ठी का आयोजन किया गया। खरी-खरी विचार मंच उत्तर प्रदेश के बैनर तले कार्यक्रम की शुरुआत की गई। बच्चों ने सबसे पहले वंदेमातरम तथा सरस्वती वंदना की। इस दौरान अनन्या एंड ग्रुप, वंशिका, अर्श, फातिमा ख्वाहिश आदि बच्चों ने जल संरक्षण को लेकर विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि जल को परिभाषित नहीं किया जा सकता। जिदा रहना है तो जल को बचाना ही होगा। उन्होंने कहा कि लोग जल बचाने के प्रति जिज्ञासु नहीं है, यह बहुत गंभीर मामला है, यदि इस पर अमल नहीं किया गया तो आने वाली पीढि़यां पानी को लेकर सजा भुगतेंगी। वक्ताओं ने बच्चों को जल संचयन को लेकर जरूरी टिप्स दिए। कार्यक्रम पेश करने वाले बच्चों को पुरस्कृत किया गया। स्कूल कमेटी के सचिव प्रवीण गर्ग, वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजय वर्मा, फाउंडर सेक्रेटरी डॉ चितरंजन भट्टाचार्य, उपाध्यक्ष डॉ विनोद त्यागी, डॉ मामचंद शर्मा, प्रधानाचार्य हरियोग संत, संस्था के संयोजक विकास वर्मा, उमेश वर्मा, लोकेश तायल, कपिल मित्तल आदि मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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