जेएनएन, मुजफ्फरनगर। शहर कोतवाली क्षेत्र के सुजड़ू गांव निवासी सिक्योरिटी गार्ड की हत्या कर शव काली नदी के पास फेंका गया था। बीती आठ जून को मृतक लापता हुआ था। पुलिस ने दो आरोपितों की निशानदेही पर सिक्योरिटी गार्ड का शव बरामद कर लिया। पुलिस के अनुसार सुपारी देकर सिक्योरिटी गार्ड की हत्या कराई गई थी। पुलिस हत्याकांड में शामिल तीसरे आरोपित की तलाश में दबिश देने में जुटी थी।

मूल रूप से मेरठ जिले के नंगला ताशी गांव थाना कंकरखेड़ा निवासी इंद्रपाल परिवार के साथ शहर कोतवाली क्षेत्र के सुजड़ू गांव में किराए पर रह रहा था। वह कोतवाली क्षेत्र के वहलना चौक स्थित मंगलम फैक्ट्री में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता था। बीती आठ जून को वह ड्यूटी पर गया था, लेकिन घर नहीं लौटा। परिजनों ने उसे तलाश किया, लेकिन सुराग नहीं लगा। इंद्रपाल के बेटे संजय ने शहर कोतवाली में उसकी गुमशुदगी दर्ज करा दी थी। मामले की जांच में जुटी पुलिस ने दो आरोपितों को दबोचकर उसका शव बरामद कर लिया।

शहर कोतवाल योगेश शर्मा ने बताया कि इंद्रपाल की पत्नी सुजड़ू गांव निवासी नौशाद के गोदाम में काम करती थी। नौशाद उसकी पत्नी पर बुरी नीयत रखता था। इसके चलते इंद्रपाल ने पत्नी को फैक्ट्री में काम करने से मना कर दिया था। इसके चलते नौशाद उससे रंजिश रखने लगा था। नौशाद ने इंद्रपाल की हत्या की साजिश रची और पास के गोदाम में काम करने वाले सुहैल निवासी संधावली और शाहिद अंसारी निवासी मुरादनगर जिला गाजियाबाद को 20 हजार रुपये की सुपारी देकर सिक्योरिटी गार्ड की हत्या करने की साजिश रची। पुलिस के अनुसार शाहिद, नौशाद और सुहैल बीती आठ जून को दावत के बहाने इंद्रपाल को काली नदी के जंगल में शामली बाइपास पर ले गए। शराब पीकर नशा होने पर आरोपितों ने अंगोछे से गला दबाकर इंद्रपाल की हत्या कर दी। थाना प्रभारी ने बताया कि दो आरोपितों को दबोचकर उनकी निशानदेही पर सिक्योरिटी गार्ड का शव काली नदी के जंगल से बरामद कर लिया है। पुलिस के अनुसार हत्या करने से पहले दस हजार रुपये एडवांस दिए गए थे, जबकि दस हजार रुपये बाद में देने तय हुए थे। पुलिस फरार नौशाद की तलाश में दबिश देने में जुटी थी।

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