जेएनएन, मुजफ्फरनगर। वैश्विक महामारी कोरोना के तेजी से बढ़ते संक्रमण को देखते हुए ऐतिहासिक भागवत पीठ शुकतीर्थ के महामंडलेश्वर, पीठाधीश्वर संत-महात्माओं ने मंदिरों के द्वार 20 मई तक बंद करने का निर्णय लिया है। श्री शुकदेव अन्न क्षेत्र व हनुमद्धाम श्रीराम रसोई के द्वार पर साधु-संतों, असहाय और जरूरतमंदों को समयानुसार प्रात: नाश्ता, दोपहर और शाम को पूर्व की भांति भोजन वितरित होता रहेगा। साधु-संतों ने श्रद्धालुओं से अपने घरों में रहने की अपील की है।

श्रीशुकदेव आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद महाराज का कहना है कि कोरोना संक्रमण से बचने के लिए सरकार के दिशा निर्देशों का जिम्मेदारी से पालन करें। जीवन अनमोल है, अनावश्यक रूप से घर से बाहर नही निकले। घरों पर ही रहकर पूजा-पाठ करते रहें।

हनुमद्धाम के महामंडलेश्वर स्वामी केशवानंद महाराज का कहना है कि सरकार कोरोना महामारी को रोकने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है, लेकिन जन सहयोग बहुत जरूरी है इसलिए घरों से बाहर न निकलें। घर में रहकर ही कोरोना महामारी से मुक्ति के लिए भगवान से प्रार्थना करते रहें।

पांडव कालीन मां पार्वती मंदिर के महंत स्वामी अयोध्या प्रसाद मिश्र महाराज का कहना है कि कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए ही सरकार बार-बार लाकडाउन की अवधि बढ़ा रही है इसलिए अपने व परिवार के भले के लिए सरकारी गाइडलाइन का पालन अवश्य करें।

श्री दंडी आश्रम के दंडी स्वामी गुरुदेवेश्वराश्रम महाराज का कहना है कि कोरोना महामारी के चलते देश संकट से गुजर रहा है धैर्य से काम लें और मास्क लगाएं तथा दो गज की दूरी अवश्य बनाकर रखें।

श्रीब्रह्म विद्यापीठ महेश्वर आश्रम के महंत दंडी स्वामी महादेव आश्रम महाराज का कहना है कि कोरोना संक्रमण से बचने के लिए सरकारी अस्पतालों में मुफ्त टीकाकरण शुरू हो गया है, इसलिए महामारी से बचने के लिए टीके अवश्य लगवाएं।

महाशक्ति सिद्धपीठ की संचालिका परमयोगिनी मां राजनंदेश्वरी का कहना है कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए घरों में रहकर नित्य योग, प्राणायाम, ध्यान आदि की क्रियाएं करते रहें। सरकारी गाइडलाइन का पालन अवश्य करें और अपने हाथों को बार-बार अच्छे से साफ करते रहें।