जेएनएन, मुजफ्फरनगर : आध्यात्मिक किसान नेता चंद्रमोहन ने प्रदेश सरकार की ओर से बढ़ाए गए गन्ना मूल्य को नाकाफी बताया है। उन्होंने कहा कि यूपी के गन्ने में चीनी परता अधिक है, जिसे देखते हुए पंजाब और हरियाणा से अधिक गन्ना मूल्य होना चाहिए। आध्यात्मिक किसान नेता ने उम्मीद जताई कि प्रदेश सरकार किसान हितों को सर्वोपरि रखते हुए इस ओर सकारात्मक कदम उठाएगी।

हिद मजदूर किसान समिति ने राष्ट्रप्रेमी किसान मजदूर महापंचायत के दौरान अपनी सात सूत्रीय मांगों में गन्ना मूल्य बढ़ाए जाने की मांग जोर-शोर से उठाई थी। वक्ताओं ने अलग-अलग तर्क देते हुए गन्ना मूल्य बढ़ाने की मांग की। महापंचायत का जैसे ही समापन हुआ सरकार ने 25 रुपये गन्ना मूल्य बढ़ाने की घोषणा कर दी। सरकारी की ओर से घोषित गन्ना मूल्य के बारे में महापंचायत के दौरान जानकारी नहीं मिल पाई। महापंचायत के बाद जैसे ही आध्यात्मिक किसान नेता चंद्रमोहन को गन्ना मूल्य बढ़ोत्तरी के बारे में पता लगा तो उन्होंने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बढ़ोत्तरी अपेक्षाकृत नाकाफी है। बीते दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गन्ना मूल्य वृद्धि को लेकर बातचीत की थी। सकारात्मक संदेश मिला था, लेकिन 25 रुपये प्रति कुंतल बढ़ाए गए हैं। अभी भी पंजाब और हरियाणा में गन्ना मूल्य ज्यादा है। कम से कम वहां से अधिक होना चाहिए था। आध्यात्मिक किसान नेता ने कहा कि यूपी का गन्ना पंजाब और हरियाणा के मुकाबले अधिक चीनी परता देता है। चीनी की मात्रा अधिक होने से मिल मालिकों को अधिक फायदा हो रहा है। इसका लाभ किसानों को मिलना चाहिए। गन्ना मूल्य में और बढ़ोत्तरी की लेकर जल्द ही मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे। किसानों को लेकर प्रदेश के मुखिया सकारात्मक भाव रखते हैं। सीएम से कहा जाएगा कि इस बारे में पुन: विचार किया जाए और किसानहित में और दाम बढ़ाए जाएं। अध्यात्मिक किसान नेता चंद्रमोहन ने उम्मीद जताई कि प्रदेश के मुखिया किसानों की इस मांग पर सकारात्मक और ठोस निर्णय जरूर लेंगे।

Edited By: Jagran