जेएनएन, मुजफ्फरनगर। जिले में कोल्हू सीजन की शुरूआत हो गई है। इस बार शुगर मिलों में गन्ना मूल्य 350 रुपये प्रति कुंतल तय हुआ है। ऐसे में किसानों को उम्मीद थी कि कोल्हुओं में भी गन्ने के दाम शुरूआत से ही अच्छे रहेंगे, लेकिन ऐसा नहीं है। कोल्हुओं में गन्ना 270-290 रुपये प्रति कुंतल खरीदा जा रहा है। ऐसे में किसानों की परेशानी बढ़ गई है। शुगर मिल चलने में अभी समय है। सरसों व गेहूं की बुवाई अगेती बुवाई और पशुओं के हरे चारे के लिए किसानों को गन्ना कटाई करनी पड़ रही है। किसानों का कहना है कि कोल्हुओं में भी एमएसपी तय होना चाहिए।

जनपद में तीन हजार से अधिक कोल्हू संचालित होते हैं। करीब 40 फीसदी अधिक कोल्हू संचालित हो गए हैं। कोल्हुओं में गन्ना 270-290 रुपये प्रति कुंतल खरीदा जा रहा है। हालांकि शुगर मिलों में इस सत्र में गन्ना 350 रुपये प्रति कुंतल खरीदा जाएगा। किसान इस हिसाब से 60-80 रुपये प्रति कुंतल की मार झेल रहा है। कोल्हू संचालक तर्क दे रहे हैं कि कच्चे मीठे के दामों में गिरावट हैं, जिसके चलते दाम 300 के पार नहीं दे सकते हैं। मंडी में गुड़, चाकू, खुरपा, शक्कर के दाम आए दिन घट रहे हैं। वहीं शुरुआत में गन्ने से चीनी परता भी कम रहता है। ऐसे में अधिक गन्ने में कम गुड़ बन रहा है।

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गुड़ में मिला रहे चीनी

कोल्हू सचालक अनीस अहमद का कहना है कि किसानों से गन्ना 280 रुपये प्रति कुंतल खरीद रहे हैं। अभी गन्ने में मिठास कम है। चीनी या पुरानी शक्कर डालकर नई गुड़ तैयार किया जा रहा है। वहीं मंडी में गुड़ के दाम कम हैं। ऐसे में गन्ने के दाम बढ़ाने पर लेबर खर्च भी नहीं निकल पाएगा। एक माह बाद गन्ने में मिठास बढ़ेगी।

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कोल्हू में भी तय हो एमएसपी

किसान धीर सिंह का कहना है कि सरसों की बुवाई चल रही है, जबकि गेहूं, जेई व बरसीम की बुवाई के लिए गन्ना काटकर खेत खाली करने पड़ रहे हैं। कोल्हुओं में दाम बेहद कम है। लागत भी वसूल नहीं हो रही है। कम से कम शुगर मिल के बराबर दाम होने चाहिए। कोल्हू में भी न्यूनतम समर्थन मूल्य का फार्मूला लागू होना चाहिए।

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गुड़ के दामों में गिरावट

नवीन मंड़ी में गुड़ के दाम एक सप्ताह में गिरे हैं। प्रति कुंतल 50 रुपये कम हुए हैं। वर्तमान में चाकू 1200 से 1421, लड्डू 1300 से 1400, खुरपा 1180 से 1248, ढैया 1340 से 1360 और शक्कर मसाला के दाम 1348 से 1436 रुपये प्रति कुंतल हैं।

Edited By: Jagran