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मुजफ्फरनगर में सोलानी नदी उफान पर, जान जोखिम में डालकर स्कूल जाने को मजबूर बच्‍चे, तीन गांवों का जि‍ले से संपर्क टूटा

By Jishan Mohamad Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Fri, 31 Jul 2026 06:26 AM (IST)

Muzaffarnagar News: मुजफ्फरनगर के पुरकाजी खादर क्षेत्र में सोलानी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे रामनगर, ...और पढ़ें

सोलानी नदी उफान पर, नाव से स्‍कूल जाते बच्‍चे।

सोलानी नदी उफान पर, नाव से स्‍कूल जाते बच्‍चे

HighLights

  1. खेतों में पानी घुसने से गन्ना और धान की फसलें खराब हुईं।

  2. पशुपालकों को महंगे दामों पर चारा खरीदकर लाना पड़ रहा

संवाद सूत्र, पुरकाजी (मुजफ्फरनगर)। उत्तराखंड में हो रही लगातार बरसात का असर अब पुरकाजी के खादर क्षेत्र में साफ दिखाई देने लगा है। सोलानी नदी उफान पर है। सोलानी नदी का पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। इससे खादर के तीन गांवों का जि‍ले संपर्क टूट गया है।

सोलानी नदी में अत्यधिक पानी आने के कारण नदी का पानी किसानों के खेतों में घुस गया है। इससे खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। गन्ना, धान की फसलें पानी में खराब हो गई हैं। सबसे ज्यादा परेशानी गांव रामनगर, शेरपुर और नगला रतनपुरी के लोगों को उठानी पड़ रही है।

इन तीन गांवों को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग सोलानी के तेज बहाव में टूट गया है। मार्ग बंद होने से आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। इस कारण स्कूली बच्चों को अपनी जान जोखिम में डालकर बढ़ीवाला के रास्ते से स्कूल जाना पड़ रहा है। सोलानी नदी पार करने के लिए उनके पास नाव के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।

अभिभावक बच्चों को नाव में बिठाकर सोलानी पार करा रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से नदी पर अस्थायी पुल या नाव की पुख्ता व्यवस्था करने की मांग की है।

किसानों के सामने चारे का संकट

नदी का पानी खेतों में भरने से किसानों को पशुओं के लिए हरे चारे की भी समस्या पैदा हो गई है। जिन खेतों में चारा था वह भी पानी में डूब गया है। पशुपालकों को अब महंगे दामों पर चारा खरीदकर लाना पड़ रहा है। दूर जंगल में जाकर चारे की व्यवस्था करनी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बरसात में सोलानी उफान पर आती है और यह पानी तबाही मचाता है।

प्रशासन से मदद की गुहार

ग्रामीण ने शासन प्रशासन से मांग उठाई कि इस स्थान पर स्थाई रूप से पुल का निर्माण कराया जाए ताकि स्कूली बच्चों को दिक्कत परेशानी नहीं आए।