ध्यान व सत्संग करना चाहें तो श्रीमद्भागवत की उद्गमस्थली शुकतीर्थ आएं... 4.77 करोड़ से बनाया जा रहा खास भवन
श्रीमद्भागवत की उद्गम स्थली शुकतीर्थ में श्रद्धालुओं के लिए 4.77 करोड़ रुपये की लागत से एक नया सुविधा भवन बनाया ...और पढ़ें

तीर्थनगरी शुकतीर्थ । जागरण
HighLights
4.77 करोड़ से बनाया जा रहा है पर्यटकों के लिए सुविधा भवन
महिला-पुरुषों के लिए अलग कमरे व डारमेट्री, लिफ्ट की सुविधा
जागरण संवाददाता, मोरना (मुजफ्फरनगर)। श्रीमद्भागवत की उद्गम स्थली शुकतीर्थ में देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। पर्यटन विभाग द्वारा जहां गंगा तट पर 21 करोड़ 24 लाख की लागत से टूरिस्ट फैसिलिटी सेंटर (टीएफसी) में यात्रियों की जरूरतों के अनुरूप सुविधाएं विकसित की गई हैं, वहीं, परिक्रमा मार्ग पर पर्यटन सुविधाओं के सृजन के लिए प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय स्वीट साइलेंट धाम में 4.77 करोड़ की लागत से पर्यटकों के लिए बुनियादी सुविधा भवन का निर्माण कराया जा रहा है। यहां श्रद्धालुओं के ठहरने के साथ सत्संग और ध्यान के लिए भी स्थान मिलेगा।

दो मंजिला भवन में महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कमरे तथा डॉरमेट्री की व्यवस्था की जा रही है। बुजुर्ग श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लिफ्ट भी लगाई जाएगी। सुविधा भवन के भूतल पर कार्यालय, कंप्यूटर कक्ष, सत्संग भवन, रसोई और भंडार गृह बनाया गया है। यहां नौ-नौ बेड की क्षमता वाली दो डॉरमेट्री भी तैयार की गई हैं। महिला और पुरुषों के लिए अलग-अलग कुल 14 शौचालयों की व्यवस्था की गई है। प्रथम तल पर आठ कमरे बनाए जाएंगे, जिनमें चार महिलाओं और चार पुरुष श्रद्धालुओं के लिए होंगे। इसके अलावा बड़ा सत्संग भवन और बरामदा भी बनाया जाएगा।
तीर्थनगरी में सुविधाओं का विस्तार
बीके प्रवेश बहन ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शुकतीर्थ आगमन के बाद शुकतीर्थ विकास परिषद का गठन किया गया। इसके बाद नगरी में विभिन्न विकास योजनाओं पर काम शुरू हुआ है। नगरी में श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए ठहरने और अन्य सुविधाओं की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी। प्रदेश सरकार द्वारा तीर्थस्थलों के विकास पर जोर दिए जाने के बाद यहां विकास कार्यों को गति मिली है।
ढांचा तैयार, फिनिशिंग का काम बाकी
उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम के अवर अभियंता गौतम कुमार ने बताया कि भवन का ढांचा तैयार हो चुका है। वर्तमान में टाइल्स लगाने, पुताई और खिड़की-दरवाजे लगाने का काम चल रहा है। निर्माण पूरा होने के बाद शुकतीर्थ आने वाले श्रद्धालुओं को ठहरने के साथ सत्संग और अन्य जरूरी सुविधाएं एक ही परिसर में मिल सकेंगी।
