जेएनएन, मुजफ्फरनगर। भोपा रोड स्थित बिदल फार्म हाउस में श्रीरामकथा की अमृत वर्षा करते हुए कथा व्यास संत प्रवर विजय कौशल महाराज ने कहा कि श्रीरामकथा मनोरंजन का साधन नहीं हैं, बल्कि मन का मैल को धोकर पवित्र करने व भगवत प्राप्ति की ओर अग्रसर होने का एकमात्र माध्यम है। उन्होंने कहा कि भगवान का स्वभाव है कि वह पशु-पक्षियों का भी सम्मान करते हैं। उनके उपकार को भी नहीं भूलते। मौजूदा दौर में मनुष्य किसी भी उपकार को नहीं मानता है। विजय कौशल महाराज ने राजा मांधाता की कथा बड़े ही सुरुचिपूर्ण ढंग से सुनाते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम के जीवन आदर्शो को अपने जीवन में आत्मसात करने की जरूरत है। कथा सुनने के साथ उस पर चितन-मनन करना भी जरूरी है। तभी हम श्रीराम के पदचिह्नों पर चल पाएंगे। श्रीरामकथा सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो उठे। यज्ञ उपरांत कथा का समापन हुआ। सुरेश चंद बिदल, अशोक बिदल, राकेश बिदल, अनिल बिदल, अमित बिदल, विकास बिदल, सचिन बिदल, अंकुर बिदल, मयंक बिदल, आयुष बिदल, सरस्वती बिदल, शशि बिदल, सुरभि बिदल, सीमा बिदल, शिल्पी बिदल, श्वेता बिदल सानिया, रश्मि, दिशा, सात्विक व काव्या आदि का सहयोग रहा।

हंसराज के भजन पर झूृमे श्रद्धालु

जेएनएन, मुजफ्फरनगर। रतनपुरी स्थित निजानंद आश्रम में वार्षिक महोत्सव आयोजित किया गया। श्रीसाहिब की शोभायात्रा निकाली गई। दूरदराज से आए सुंदरसाथ ने शोभायात्रा में भाग लिया। वार्षिक महोत्सव में सूफी अंदाज में प्रसिद्ध गायक हंसराज हंस ने भजन से श्रद्धालुओं को बांधा। भक्तिरस में सराबोर श्रद्धालु झूमते रहे।

परमहंस महाराज श्रीराम रतनदास की 49वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में गुरुवार को वार्षिक महोत्सव मनाया गया। महोत्सव 8 अक्टूबर से आरंभ हुआ था। गुरुवार को शोभायात्रा और भंडारे उपरांत समापन हुआ। महोत्सव में भाजपा सांसद सूफी गायक हंसराज हंस ने भजन सुनाया। उनका भजन सुनने को श्रद्धालु उमड़े। हंसराज ने स्वर लहरी की ऐसी हवा चलाई की श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर झूमे। निजानंद आश्रम ट्रस्ट के अध्यक्ष महेंद्र यशवंत ने बताया कि एक सप्ताह से चल रहे वार्षिक महोत्सव और परमहंस महाराज रामरतन दास की पुण्यतिथि में रखे गए अखंड पाठ का समापन हो गया। इस दौरान शोभायात्रा निकाली गई और झंडारोहण हुआ। महोत्सव में देश के कोने-कोने से आए सुंदरसाथ ने अमृत भाई से आध्यात्मिक ज्ञान की चर्चा सुनी और भजन-कीर्तन के माध्यम से प्रणामी धर्म के बारे में जानकारी दी गई। बताया कि बुधवार की रात सूफी गायक हंसराज आश्रम में आए। इससे पहले वर्ष 2018 में आए थे। इस बार स्वास्थ्य ठीक नहीं होने के कारण वे निजानंद आश्रम में मत्था टेकने आए थे। निजानंद आश्रम ट्रस्ट के सदस्य कुलदीप भगत के कहने पर दोबारा आश्रम पहुंचे और उनके के आग्रह पर उन्होंने एक सूफियाना अंदाज में भजन प्रस्तुत किया।

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