जागरण संवाददाता, मुजफ्फरनगर। ठंड अपना रिकार्ड स्वयं तोड़ती जा रही है। शीतलहर के साथ स्माग छाया हुआ है जिससे भगवान सूर्यदेव के भी दर्शन नहीं हो रहे हैं। शनिवार इस सर्द सीजन का सबसे ठंडा दिन रहा। गर्म व ऊनी कपड़ों में लिपटने के बाद भी पूरे दिन लोगों की कंपकंपी छूटती रही। शीतलहर के चलते सड़कों पर आवागमन भी कम रहा। जरूरी कार्यों से ही लोग बाहर निकल सके।

शनिवार की तड़के जब लोग सोकर उठे तो हल्का कोहरा छाया हुआ था। शीतलहर चल रही थी। सुबह करीब आठ बजे कोहरा छंट गया। मंद-मंद सर्द हवाओं के साथ आसमान में स्माग छाया रहा। स्माग छाने से पूरे दिन धूप नहीं निकल सकी। भगवान सूर्यदेव के दर्शन नहीं होने और ठंडी हवाएं चलने से गर्म और ऊनी कपड़ों में लिपटने के बाद भी लोगों की कंपकंपी छूटती रही। कड़ाके की ठंड के चलते दिन में हाथ-पैर सुन्न हो रहे थे। दफ्तरों में लोग हीटर व वार्मर जल रहे थे। घरों, दुकानों, प्रतिष्ठानों, में हीटर, गैस बर्नर, अंगीठी, लकड़ी, कोयला, उपले जलाकर ठंड से बचाव का प्रयास करते रहे। गली मुहल्लों में लोगों ने अलाव का सहारा लिया। किसानों ने खेत में कार्य शुरू करने से पहले पत्ती जलाकर शरीर को गर्म किया, इसके बाद कार्य शुरू किया। भीषण ठंड के चलते परिदे भी घोंसलों में ही दुबके रहे। सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। बाजार देर से खुले और जल्द बंद हो गए। मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान 12.7 डिग्री सेल्सियस रहा, जो इस सर्द सीजन का अब तक सबसे कम है और सामान्य से सात डिग्री सेल्सियस कम है। न्यूनतम तापमान 6.0 डिग्री सेल्सियस रहा।

Edited By: Jagran