मुजफ्फरनगर : 'स्पिक मैके' की कार्यक्रम श्रृंखला 'विरासत' में पंडित रोनू मजूमदार ने बांसुरी वादन से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने शास्त्रीय संगीत की विविध छटाएं प्रस्तुत कीं और छात्रों की जिज्ञासा का समाधान करते हुए प्रोत्साहित किया।

एसडी पब्लिक स्कूल में मंगलवार को कार्यक्रम के शुभारंभ पर मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित किया गया। ग्रैमी अवार्ड के लिए नामित प्रसिद्ध बांसुरी वादक पंडित रोनू मजूमदार ने कार्यक्रम की शुरुआत राग मंगल भैरव से की। कम सुने जाने वाले मंगल भैरव राग के सूक्ष्म आलाप से ही उन्होंने श्रोताओं को अपने जादू में बांध लिया। बड़ी संख्या में श्रोता आंख बंद कर आनंद रस में डूब गए। इसके बाद तीन ताल में निबद्ध एक सुंदर रचना प्रस्तुत की। उनके साथ पंडित दुर्जय भौमिक ने तबले पर और शिष्य कल्पेश ने बांसुरी पर बखूबी संगत प्रदान की। पंडित रोनू मजूमदार ने राग जय जयवंती में 'ठुमक चलत रामचंद्र बाजत पैजनियां' से भक्तिरस की छटा बिखेरी तो 'सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा' सुनाकर देशभक्ति के रस का संचार किया। उन्होंने छात्रों से कहा कि मशहूर शायर मोहम्मद इकबाल के लिखे इस तराने को उनके दादागुरु व गुरु भारतरत्न पंडित रविशंकर ने संगीत से सजाया था। पंडित मजूमदार ने बच्चों को गाने के लिए प्रेरित भी किया। साथ ही छात्रों के सवालों का जवाब भी दिया। प्रधानाचार्य चंचल सक्सेना व आरएम तिवारी ने कलाकारों का अभिनंदन किया। छात्रा विदुषी और उपासना ने कार्यक्रम का संचालन किया। इस दौरान शिक्षिका नीलम महाना, रेनू गोयल, मृदुला मित्तल, विपिन जैन व मीनू गोयल आदि मौजूद रहे।

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