जेएनएन, मुजफ्फरनगर। कई दिन गंभीर श्रेणी में पहुंचा शहर में प्रदूषण का ग्राफ नियत्रंण में आता दिखने लगा है। रविवार को मुजफ्फरनगर का एयर क्वालिटी इंडेक्स 259 दर्ज किया गया, जबकि तीन दिन पहले एक्यूआइ 400 से अधिक पहुंचने के चलते लोगों की सेहत पर असर पड़ने के संकेत मिलने लगे थे।

दीपावली से पहले शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स सामान्य स्थिति में था। इसके बाद आतिशबाजी के कारण शहर की आबोहवा खराब होने लगी। एयर क्वालिटी इंडेक्स 350 से अधिक पहंच गया था, जिसके बाद जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एंटी स्माग गन और टैंकरों से पानी का छिड़काव किया, जिससे प्रदूषण नियंत्रण में आ पाया था, लेकिन पांच दिन पहले अचानक फिर से एयर क्वालिटी इंडेक्स 400 से अधिक होने के चलते गंभीर श्रेणी में पहुंच गया, जिससे शहर की आबोहवा अधिक खराब होने के साथ बीमारियों का खतरा मंडराने लगा। हालांकि शनिवार से प्रदूषण का ग्राफ घटना शुरू हुआ, जिसके चलते रविवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स 259 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में आता है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियत्रंण बोर्ड के अधिकारी अंकित सिंह ने बताया कि रविवार को शहर में एयर क्वालिटी इंडेक्स 259 दर्ज हुआ, जिससे गंभीर श्रेणी से राहत मिली। उन्होंने बताया कि मुजफ्फरनगर का प्रदूषण काफी नीचे आ गया है, एनसीआर के क्षेत्रों में अब मुजफ्फरनगर सबसे ठीक स्थिति में आया है।

रैन-बसेरा में जरूरतमंदों के लिए सजे बिस्तर

जेएनएन, मुजफ्फरनगर। मोरना के भोकरहेड़ी कस्बे में नगर पंचायत ने बेसहारा लोगों को सर्दी में रात बिताने के लिए रैन बसेरा शुरू किया है। रविवार को ईओ ने नगर पंचायत कर्मियों के साथ निरीक्षण किया तथा आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

सर्दी की आहट होते ही प्रशासन गरीब व असहाय लोगों को ठंड से बचाने के प्रयास में जुट गया है। नगर पंचायत व नगरपालिका ने सर्दी के चलते बेसहारा लोगों को रात बिताने को रैन-बसेरा खोले हैं। हरिद्वार-लक्सर-मोरना मार्ग पर भोकरहेड़ी कस्बा में रैन-बसेरा खोला है। रविवार शाम अधिशासी अधिकारी सुरजीत कुमार गौतम ने लिपिक संजीव शील के साथ रैन-बसेरा का निरीक्षण तथा वहां पर उपस्थित कर्मचारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। रैन-बसेरे में पांच पुरुष व पांच महिला के लिए रात में ठहरने की व्यवस्था की गई है, जिनके लिए रजाई गद्दा, बिस्तर व पानी आदि की सुविधा दी जाएगी।

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