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पुराने वाहनों पर कार्रवाई के खिलाफ राकेश टिकैत ने दी आंदोलन की चेतावनी, कहा- किसान व आम आदमी को डराया जा रहा

Published: Thu, 24 Sep 2026 05:37 PM (IST)

दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण नियंत्रण हेतु पुराने वाहनों को कबाड़ करने की कार्रवाई जारी है। भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने ...और पढ़ें

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HighLights

  1. दिल्ली-एनसीआर में पुराने वाहनों पर स्क्रैपिंग की कार्रवाई।

  2. राकेश टिकैत ने कार्रवाई को गलत बताकर आंदोलन की चेतावनी दी।

  3. मुजफ्फरनगर में 100 से अधिक वाहन कबाड़/सीज किए गए।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरनगर। दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए सहायक संभागीय परिवहन विभाग ने कार्रवाई शुरू की है। शहर में 10 साल पुराने डीजल एवं 15 वर्ष पुराने पेट्रोल के वाहनों पर कार्रवाई की है। 100 से अधिक वाहनों पर कार्रवाई की गई है।

भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने एनसीआर में पुराने वाहनों पर कार्रवाई को लेकर इंटरनेट मीडिया पर चेतावनी दी। कहा कि बड़े उद्यमियों के ऋण से लेकर व्यवस्था में कोताही पर माफी मिल रही है, लेकिन किसान व आम आदमी को डराया जा रहा है, इसके लिए आंदोलन किया जाएगा।

नए वाहन की खरीद पर टैक्स समेत कई बिंदुओं पर राहत

सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी अजय कुमार मिश्रा ने बताया कि एनसीआर में वायु प्रदूषण समेत व्यवस्था को लेकर कार्रवाई की जा रही है। परिवर्तन योजना के तहत पुराने वाहनों को स्क्रैप कराने पर नए वाहन की खरीद पर टैक्स समेत कई बिंदुओं पर राहत है।

इसके लिए विभागीय स्तर से अभियान चलाकर नियम विपरीत दौड़ने वाले पुराने दोपहिया व चौपहिया वाहनों को सीज एवं कबाड़ कराया जा रहा है। एक सप्ताह में 55 पुराने चौपहिया, दोपहिया वाहनों को कबाड़ कराया गया है।

वहीं, 35 वाहनों को सीज किया गया है। यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। जिले में 10 हजार से अधिक डीजल वाहन 10 साल पुराने एवं 90 हजार से अधिक दोपहिया, चौपहिया हल्के वाहन 15 साल पुराने पेट्रोल संचालित हैं। इन पर कार्रवाई की जा रही है।

भाकियू करेगी कार्रवाई का विरोध, आंदोलन

भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि एनसीआर में प्रदूषण के नाम पर पुराने वाहनों पर कार्रवाई की जा रही है। बागपत समेत एनसीआर के जिलों में कार्रवाई की जा रही है। इसमें बाइक, कार ही नहीं ट्रैक्टरों पर शिकंजा कसा जाएगा। कहा जिन क्षेत्रों में वाहन पकड़े गए हैं, वहां का प्रशासन उन्हें छोड़े।

कहा कि उद्यमियों के ऋण माफ हो सकते हैं, तो किसानों को भी राहत दी जाए। पराली जलाने पर दिल्ली में धुएं का आरोप लगता है। पराली जलाने वाले किसान को ऋण नहीं मिलेगा, जमीन बेचने पर टैक्स लगेगा। बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियां प्रदूषण फैला रही हैं, उन पर कोई कार्रवाई नहीं है।

कहा कि केंद्र सरकार पूंजीपतियों की है। बड़े उद्यमियों को छूट है, लेकिन बाइक, ट्रैक्टर से प्रदूषण फैल रहा है। कहा कि इसके लिए आंदोलन के लिए तैयार रहो।