उम्र महज 24 वर्ष व परिवेश बेहद ग्रामीण... आरजू ने बंदिशें तोड़ीं और आज विदेशियों को दे रहीं फिटनेस टिप्स
मुजफ्फरनगर की 24 वर्षीय आरजू चौधरी ने ग्रामीण परिवेश की बंदिशें तोड़कर दुबई में योग प्रशिक्षक के रूप में अपनी ...और पढ़ें

जनपद के गांव नंगला मुबारिक की बेटी आरजू चौधरी दुबई में योग सिखाते हुए। सौजन्य : स्वयं
HighLights
ग्रामीण परिवेश से निकलकर दुबई में बनीं योग प्रशिक्षक।
एक हजार से अधिक विदेशियों को दे रहीं फिटनेस टिप्स।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरनगर। जेन जी, एक ऐसी उम्र के नौजवान जिनके सपने बड़े हैं और कम समय में ज्यादा पाने की अभिलाषा है। इनमें से सही दिशा में मेहनत करने वाले युवाओं के सपने साकार भी हो रहे हैं। यहां यह भी मायने नहीं रखता कि वह किस परिवेश से हैं। ऐसे ही विलक्षण प्रतिभा की धनी हैं जनपद के गांव नंगला मुबारिक के किसान सुनील कुमार व गृहिणी रेणु की बेटी आरजू चौधरी। इनका गांव से दुबई में योग सिखाने का सफर अन्य युवाओं को प्रेरणा देता है। जनपद की यह बेटी दुबई में एक हजार से अधिक लोगों को योग सिखा रही हैं।
24 साल की आरजू चौधरी ने एसवीएम योगा संस्थान से योग शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद हरिद्वार स्थित अमृतलोक कालेज से एमए की उपाधि प्राप्त की। इन्होंने डीएवी इंटर कालेज में योग शिक्षिका के रूप में प्रशिक्षण कार्य किया तथा पतंजलि योगपीठ से योग थेरेपिस्ट का विशेष कोर्स भी किया है। इसके अतिरिक्त नेचुरोपैथिक थेरेपी का प्रशिक्षण प्राप्त कर प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में भी विशेषज्ञता हासिल की है।
शिक्षण कार्य के दौरान इन्होंने डीएवी कालेज, एसडी कालेज तथा लिटिल लीडर्स एकेडमी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में योग शिक्षिका के रूप में अपनी सेवाएं दी। अपने ज्ञान और अनुभव को वैश्विक स्तर तक पहुंचाने के उद्देश्य से आरजू 16 दिसंबर 2024 को दुबई पहुंचीं। दुबई में अपने करियर की शुरुआत उन्होंने योगुद्रा फिटनेस क्लब में योग प्रशिक्षक के रूप में की। मेहनत और समर्पण के बल पर उन्होंने लोगों के बीच एक अच्छी पहचान बनाई।
उन्होंने एलवाईएस संस्था के साथ कार्य किया, जहां उन्होंने योग और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अपने अनुभव को और अधिक विस्तृत किया। आत्मविश्वास, परिश्रम और योग के प्रति समर्पण के बल पर दुबई में अपनी स्वतंत्र योग सेवाओं और कक्षाओं की शुरुआत की। वर्तमान में एक हजार से अधिक विदेशियों को योग सिखा रही हैं। आरजू चौधरी हठ योग, विन्यासा योग, मेडिटेशन, योग निद्रा, प्राणायाम, स्ट्रेचिंग, फिटनेस योग तथा समग्र स्वास्थ्य से जुड़ी अनेक योग पद्धतियों का प्रशिक्षण देती हैं।
ऐसा भी नहीं है कि इन्हें आसानी से मंजिल मिली है। आरजू बताती हैं कि दुबई जाने का स्वजन ने विरोध किया था, लेकिन उन्हें समझाया और बताया कि सपने तभी साकार होंगे, जब आधुनिक सोच रखेंगे। अब वह जमाना है, जब बेटियों को बंदिशों में रखा जाता था। बेटी की महत्वाकांक्षा और मेहनत को देख स्वजन मान गए। आज छोटे से गांव से निकली बेटी विदेश में नाम रोशन कर रही है, जिस पर स्वजन गौरवान्वित हैं।
आरजू की सफलता संघर्ष, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास का उत्कृष्ट उदाहरण है। आज वे न केवल योग के क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों और युवाओं के लिए यह संदेश भी दे रही हैं कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो सफलता निश्चित रूप से प्राप्त की जा सकती है।
