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पुलिस को मारने-पीटने या दुर्व्यवहार का अधिकार नहीं! पुलिस के दुर्व्यवहार को न्यायालय ने केस डायरी में दर्ज किया

By Dilshad Ali Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Sun, 18 Oct 2026 05:00 PM (IST)

पुलिस द्वारा गांजा तस्करी के आरोपी से मारपीट का मामला सामने आया है। न्यायालय ने इस दुर्व्यवहार को केस डायरी ...और पढ़ें

(प्रतीकात्मक फोटो)

(प्रतीकात्मक फोटो) 

HighLights

  1. पुलिस ने गांजा तस्करी के आरोपित युवक से मारपीट की।

  2. न्यायालय ने पुलिस दुर्व्यवहार को केस डायरी में दर्ज किया।

  3. एसएसपी को पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच के आदेश दिए।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरनगर। खतौली पुलिस के दारोगा और एक अन्य पुलिस कर्मचारी ने गांजा तस्करी के आरोप में पकड़े गए बदमाश के साथ मारपीट की। आरोपित ने अपर जिला एवं सत्र न्यायालय, विशेष न्यायालय एनडीपीएस एक्ट के न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर के सामने जब यह बयान दिया तो उन्होंने इस बात का तस्करा केस डायरी में डाल दिया। इसके साथ ही एसएसपी को पत्र लिखकर दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए।

जज ने लिखा कि पुलिस को कार्रवाई का अधिकार है, लेकिन किसी भी व्यक्ति चाहे वह अभियुक्त ही क्यों न हो, को मारने-पीटने या दुर्व्यवहार करने का अधिकार नहीं है। खतौली थाने के दारोगा रजत सिंह, तेजवीर सिंह और पुलिसकर्मी जितेंद्र सिंह, योगेश कुमार व हेमंत ने शुक्रवार की रात को गश्त के दौरान लगभग साढ़े आठ बजे सद्दीकनगर स्थित कनस्तर फैक्ट्री वाली गली से दीपक उर्फ शेरू निवासी मुहल्ला देवीदास को पकड़ा था। उसके पास से 2.40 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ था।

मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने आरोपित को शनिवार को न्यायालय के समक्ष पेश कर उसका रिमांड मांगा था। न्यायालय के समक्ष आरोपित दीपक ने दारोगा नीरजा सिंह व अन्य पुलिस कर्मचारी द्वारा उसकी पिटाई करने की जानकारी दी। पुलिस के दुर्व्यवहार को न्यायालय ने केस डायरी में दर्ज किया। साथ ही जज रवि कुमार दिवाकर ने प्रकरण की जांच के लिए एसएसपी सूरज कुमार राय को पत्र लिखा है। कहा कि इन कर्मचारियों के खिलाफ जांच गठित कर कार्रवाई की जाए जिससे भविष्य में पुलिस किसी भी व्यक्ति के साथ दुर्व्यवहार न करे।