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मुजफ्फरनगर: शुकतीर्थ में बाण गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर, बरसात के दौरान जानसठ में मकान ढहा

By Rohitash Verma Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Sat, 22 Aug 2026 04:58 PM (IST)

Muzaffarnagar News: उत्तराखंड में भारी वर्षा के कारण मुजफ्फरनगर में बाण गंगा और सोलानी नदियां उफान पर हैं, जानसठ में एक मकान गिर गया।

शुकतीर्थ में बाण गंगा का जलस्तर बढ़ा, जानसठ में तेज बरसात के कारण गिरा मकान। जागरण

शुकतीर्थ में बाण गंगा का जलस्तर बढ़ा, जानसठ में तेज बरसात के कारण गिरा मकान। जागरण

HighLights

  1. गंगा का पानी शुकदेव सेतु के ऊपरी हिस्से से टकराया।

  2. जानसठ में गिरे मकान के मलबे से काॅलोनी का रास्ता भी बंद।

संवाद सूत्र, मोरना (मुजफ्फरनगर)। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्र में हो रही वर्षा के चलते बाण गंगा और सोलानी नदी उफान पर हैं। शुकतीर्थ में बाण गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ने से मुख्य स्नान घाट की सीढ़ियां जलमग्न हो गईं और पानी शुकदेव सेतु के ऊपरी हिस्से से टकराकर बहने लगा है। जलस्तर बढ़ने से क्षेत्र में खतरे की आशंका बनी हुई है।

हरिद्वार की ओर से बीते कई दिनों से बाण गंगा और सोलानी नदी में जल स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। शनिवार को शुकतीर्थ में बाण गंगा का पानी घाट के आसपास फैल गया। श्री गंगा सेवा समिति के महामंत्री महकार सिंह ने बताया कि दुकानदारों ने अपनी दुकानें घाट से हटा ली हैं।

श्रद्धालुओं को माइक से गहरे पानी में नहीं जाने की चेतावनी दी जा रही है। वहीं, गंगा का जलस्तर बढ़ने से शुकतीर्थ से इच्छावाला खादर जाने वाला मार्ग भी जलमग्न हो गया है और आसपास की फसलों में पानी भर गया है।

केंद्रीय जल बोर्ड के गेज पाठक प्रीतम सिंह ने बताया कि शनिवार दोपहर दो बजे शुकतीर्थ में बाण गंगा का जलस्तर 225.99 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के बिंदु 225.50 मीटर से ऊपर है। शुकतीर्थ में 52.5 मिलीमीटर वर्षा हुई है।

जानसठ में मकान गिरा

जानसठ: पिछले कई दिनों से गर्मी हो रही थी। पिछले कई दिनों से रुक रुककर बरसात हो रही है। शनिवार की सुबह से दोपहर तक लगभग छह घंटे बरसात हुई। बरसात होने से जहां कस्बे ओर गांवों की सड़कों पर पानी भर गया वही किसानों के खेतों में पानी भर गया। तहसील परिसर भी तालाब में तब्दील हो गया।

कस्बे में गोमती कन्या इंटर कॉलेज के बराबर में हनुमान मंदिर के पास बरसात की वजह से शशांक राणा का खाली पड़ा मकान भी गिर गया। मलबे से काॅलोनी का रास्ता भी बंद हो गया। जिस वक्त मकान गिरा उस वक्त सड़क से कोई व्यक्ति नहीं गुजर रहा था। अन्यथा कोई हादसा भी हो सकता था। मकान में कोई नहीं रहता इसलिए कोई जनहानि नहीं हुई है। मोहल्ले के लोगों ने मलबा हटाकर रास्ता खोला।