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35 दोषियों को सुनाई फांसी की सजा, जज रवि कुमार दिवाकर बने परिवार न्यायालय के अपर प्रधान न्यायाधीश

By Jagran NewsEdited By: Shiv Govind Mishraa
Published: Sat, 24 Oct 2026 05:30 AM (IST)

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर को मुजफ्फरनगर में परिवार न्यायालय का अपर प्रधान न्यायाधीश नियुक्त किया गया ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, मुजफ्फरनगर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, फास्ट ट्रैक कोर्ट एवं एनडीपीएस कोर्ट के पीठासीन अधिकारी रवि कुमार दिवाकर को परिवार न्यायालय का अपर प्रधान न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल मंजीत सिंह श्योरण ने शुक्रवार को आदेश जारी किए हैं। दिवाकर जनपद में 29 नवंबर, 2025 से तैनात हैं।

वह यहां हत्या के 10 मामलों में 23 दोषियों को फांसी की सजा सुना चुके हैं। वह अपने कुल कार्यकाल में अब तक 35 दोषियों को फांसी की सजा सुना चुके हैं। फास्ट ट्रैक कोर्ट-तीन में रवि कुमार दिवाकर का कार्यकाल लगभग 11 माह का रहा। उन्होंने 10 से 15 वर्ष पुरानी पत्रावलियों पर सुनवाई करते हुए निर्णय सुनाए। जनपद में तैनाती से पहले वह ज्ञानवापी परिसर मामले में भी आदेश सुना चुके हैं।

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इसके बाद उन्हें धमकियां भी मिली थीं। 18 अगस्त, 2026 को तत्कालीन जिला जज बिरेंद्र कुमार सिंह ने उनके न्यायालय से हत्या के मामलों की 100 पत्रावलियां रिकाल की थीं। इससे पूर्व रवि दिवाकर ने अपनी सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए थे। तत्कालीन एसएसपी संजय कुमार वर्मा समेत डीजीपी को पत्र लिखा था। 

पुलिस के खिलाफ भी दिए आदेश

 हाल ही में एनडीपीएस के मामले में लचर कार्रवाई करने पर तत्कालीन एसएसपी एवं वर्तमान में डीआइजी सहारनपुर अभिषेक सिंह समेत तत्कालीन एसपी सिटी एवं वर्तमान में कौशांबी के एसपी सत्यनारायण प्रजापत समेत कई पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए डीजीपी, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग दिल्ली को पत्र लिखा था।