विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

सरकारी अस्पताल में ऑपरेशन के नाम पर कांवड़िए से मांगे 30 हजार, सुरक्षाकर्मियों पर दुर्व्यवहार का आरोप

Published: Fri, 06 Feb 2026 03:55 PM (GMT+05:30)

मुजफ्फरनगर जिला अस्पताल में भर्ती एक कांवड़िए ने ऑपरेशन के लिए 30 हजार रुपये मांगने और सुरक्षाकर्मियों द्वारा दुर्व्यवहार का ...और पढ़ें

News Article Hero Image
timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरनगर। हरिद्वार से 51 लीटर की कलश कांवड़ लेकर आ रहे शिव भक्त कांवड़िए से जिला चिकित्सालय में ऑपरेशन के नाम पर 30 हजार रुपये मांग लिए गए। कांवड़िया बागपत जनपद का रहने वाला है। उसने आरोप लगाया कि अस्पताल के सुरक्षा कर्मियों ने भी उससे दुर्व्यवहार किया है।

पीड़ित कांवड़िया का बहादराबाद में पैर फिसलने से रीड़ की हड्डी व पैर में फ्रैक्चर हो गया। सूचना मिलने पर शिवसेना कार्यकर्ताओं ने भी अस्पताल पहुंचकर हंगामा किया। बागपत जिले के गांव टिकरी में रहने वाले गो रक्षक दल के जिलाध्यक्ष विकास मेहरा पुत्र गजे सिंह ने 25 जनवरी को हरिद्वार से 51 लीटर गंगाजल की कलश कांवड़ उठाई थी।

विकास ने बताया कि गोमाता को राष्ट्र माता घोषित किए जाने की मनोकामना को लेकर वह कांवड़ ला रहे थे। बहादराबाद टोल पार करते ही रुड़की बाईपास पर उनका वर्षा होने के कारण पैर फिसलकर पैर व रीड़ की हड्डी में फ्रेक्चर हो गया था।

बुधवार शाम को वह जिला चिकित्सालय में पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने उनकी जांच कराने के बाद आपरेशन बताया। आरोप है कि आपरेशन के नाम पर उससे 30 हजार रुपये की डिमांड की गई। रातभर जब वह भर्ती रहे तो स्वास्थ्य कर्मियों ने भी सही से देखरेख नहीं की।

विकास ने बताया कि जब गुरुवार को वह वापस जाने लगे तो सुरक्षाकर्मियों ने उनसे दुर्व्यवहार किया और मारपीट पर उतारू हो गए। वहीं, सूचना मिलते ही शिवसेना के जिलाध्यक्ष लोकेश सैनी अपने कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे। उन्होंने सीएमओ डा. सुनील तेवतिया से फोन पर बात की और सीएमएस डा. संजय वर्मा से मिलकर नाराजगी जताई।

कहा कि दुर्व्यवहार करने और रुपये मांगने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। विकास ने बताया कि वह रातभर हास्पिटल के बाहर अपनी ट्रैक्टर-ट्राली में गुजारेंगे। फिलहाल वह शाहपुर से पट्टी कराकर आए हैं। इस दौरान शिवसेना युवा जिलाध्यक्ष शैंकी शर्मा, अंकित बालियान, शिव पंडित, विवेक सनातनी मौजूद रहे।

कांवड़िया विकास मेहरा का आरोप निराधार है। किसी भी चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मी ने रुपये की डिमांड नहीं की है। बीड़ी पीने से मना करने पर सुरक्षाकर्मियों से बहस हुई थी। जब उनसे बात करने की कोशिश की, तो उन्होंने एक नहीं सुनी। फिलहाल वह अस्पताल से खुद ही चले गए।

-डाॅ. संजय कुमार वर्मा, सीएमएस, जिला चिकित्सालय (पुरुष)