VIDEO: बेजुबान से प्रेम की अनूठी मिसाल, कसाई के चंगुल से छुड़ाकर 15 साल पाला बैल, तेरहवीं पर गूंजे वैदिक मंत्र
Muzaffarnagar News: मुजफ्फरनगर में एक किसान ने वर्षों तक सेवा करने वाले अपने बैल की मृत्यु के बाद उसकी तेरहवीं ...और पढ़ें
HighLights
मुजफ्फरनगर में किसान ने बैल की तेरहवीं रस्म की।
यज्ञ में साधु-संतों, जनप्रतिनिधियों ने दी आहुति।
बैल ने वर्षों तक किसान के खेतों में हल खींचा।
संवाद सूत्र, मोरना (मुजफ्फरनगर)। जिस बैल ने वर्षों तक किसान के खेतों में हल खींचकर परिवार का साथ दिया, उसकी मृत्यु के बाद किसान ने भी बेटे जैसा फर्ज निभाया। बुधवार को बैल की रस्म तेरहवीं पर यज्ञ का आयोजन किया गया। इसमें साधु-संतों, जनप्रतिनिधियों, गणमान्य लोगों और किसानों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आहुति देकर दिवंगत बैल को श्रद्धांजलि दी।
मोरना-शुकतीर्थ स्थित राठी कृषि फार्म हाउस के किसान ब्रजवीर सिंह ने बताया कि वर्ष 2011 में पुलिस ने कटान के लिए ले जाए जा रहे कई बैलों को मुक्त कराया था। बाद में इन बैलों को शुकतीर्थ स्थित गोशाला में भेज दिया गया। ब्रजवीर सिंह गोशाला से पांच हजार रुपये की दान रसीद कटवाकर दो बैलों को अपने साथ घर ले आए।
दोनों बैलों ने वर्ष 2020 तक खेतों में जुताई की। जब दोनों बैल खेती के काम के योग्य नहीं रहे तो ब्रजवीर सिंह ने उन्हें बेचने के बजाय उनकी सेवा करने का निर्णय लिया। पिछले छह वर्षों से वह स्वयं उनके चारे-पानी और देखभाल की जिम्मेदारी निभा रहे थे। 27 अगस्त की रात एक बैल की मृत्यु हो गई। किसान ने खेत में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उसका अंतिम संस्कार कराया।
बुधवार को उसकी रस्म तेरहवीं पर खेत में यज्ञ कराया गया। इसमें गुरुकुल के स्वामी विश्वानंद महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी गोपाल दास महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी राजगिरि महाराज, बसंत दास महाराज ने विद्यार्थियों के साथ वैदिक मंत्रों का उच्चारण किया। जिला पंचायत के प्रशासक डा. वीरपाल निर्वाल, भाजपा किसान मोर्चा के क्षेत्रीय मंत्री अमित राठी, गोशाला के रामसहोदर मिश्रा आदि ने आहुति दी।
